नई दिल्ली.  मौजूदा विजेता जर्मनी फीफा विश्व कप के ग्रुप-एफ के अपने अगले मैच में आज दक्षिण कोरिया के खिलाफ उतरेगी. ग्रुप स्तर पर जर्मनी भले ही दूसरे स्थान पर हो, लेकिन उसके लिए नॉकआउट दौर में स्थान हासिल करना उसके आखिरी ग्रुप मैच पर ही नहीं, बल्कि स्वीडन और मेक्सिको के बीच खेले जाने वाले दूसरे ग्रुप मैच पर भी निर्भर करता है.  स्वीडन और जर्मनी की टीमें नॉक आउट दौर के लिए एक ही नांव पर सवार हैं. दोनों के ही तीन-तीन अंक हैं और दोनों ही टीमों ने दो गोल किए हैं और दो गोल खाए हैं. ऐसे में इन दोनों में से अपने ग्रुप मैच में जीतने वाली टीम ही अंतिम-16 दौर में प्रवेश हासिल कर पाएगी. जर्मनी को अगर अपने विश्व कप खिताब की उम्मीदों को जिंदा रखना है, तो उसे अपने आखिरी ग्रुप मैच में दक्षिण कोरिया के खिलाफ न केवल जीत हासिल करनी होगी, बल्कि अधिक गोल भी करने होंगे. इस बीच, उसे दक्षिण कोरिया की टीम से एक भी गोल खाने से बचना होगा.

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दक्षिण कोरिया के खिलाफ अंतिम ग्रुप मैच मौजूदा विजेता जर्मनी के लिए मुश्किल नहीं माना जा सकता है, क्योंकि दक्षिण कोरिया की टीम ने एक भी मैच में जीत हासिल नहीं की है और वह पहले ही विश्व कप से बाहर हो चुकी है. इस मैच में उसका लक्ष्य जीत के साथ सम्मानपूर्वक अपने विश्व कप अभियान का समापन करना होगा. चार बार विश्व चैम्पियन जर्मनी ने मेक्सिको के खिलाफ पहले मैच में मिली हार से दूसरे मैच में अपने खेल में सुधार कर स्वीडन के खिलाफ जीत हासिल की थी.

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जर्मनी और स्वीडन दोनों ही नॉक आउट दौर में प्रवेश की राह में खड़ी हैं. अगर दोनों ही टीमें अपने-अपने मैच में एक ही स्कोर के साथ जीत हासिल करती हैं, तो ऐसे में जर्मनी के पास आगे बढ़ने का बेहतरीन मौका होगा क्योंकि अंत में जर्मनी और स्वीडन के बीच हुए मैच की विजेता टीम को नॉक आउट में जगह मिलेगी. स्वीडन इस बात से भलिभांति परिचित है, ऐसे में वह किसी भी तरह से अपने मैच में जीतने और जर्मनी से बेहतर परिणाम हासिल करने की कोशिश करेगा. इसलिए, जर्मनी के सामने आखिरी मैच की चुनौती करो या मरो के मुकाबले से कम नहीं है।