श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम के मुख्य कोच नियुक्त हुए राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) का कहना है कि ऐसा संभव नहीं है कि सीमित ओवरों की सीरीज के लिए चुने गये सभी युवा खिलाड़ियों को मैच खेलने का मौका मिल जायेगा।Also Read - IND vs ENG- आखिरी टेस्ट से पहले भारत को ढूंढने होंगे इन 5 सवालों के जवाब

युवा खिलाड़ी इस साल होने वाले टी20 विश्व कप के लिये अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित करना चाहते हैं और द्रविड़ इस सीरीज में कोच की भूमिका में वापसी कर रहे हैं। Also Read - 1983 वर्ल्ड कप विनिंग टीम का ऐसा खिलाड़ी, जो कभी नहीं खेला कोई इंटरनेशनल मैच

पूर्व दिग्गज का मानना है कि ये उम्मीद करना कि सभी को इस छोटे से दौरे में सभी को मौका मिल जाए, संभव नहीं है। शिखर धवन की कप्तानी में कम अनुभवी टीम श्रीलंका का दौरा करेगी जिसमें छह ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। Also Read - Dinesh Karthik: 16 साल का करियर, अब 11वें कप्‍तान के नेतृत्‍व में खेलेंगे कार्तिक

राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख द्रविड़ ने टीम के श्रीलंका रवाना होने से पहले आयोजित पूर्व प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि तीन टी20 मैच और तीन वनडे के इस छोटे दौरे पर हमसे ये उम्मीद करना कि हर किसी को मौका दिया जाए, वास्तविक नहीं होगा।”

इस साल के विश्व कप के लिए टी20 टीम में जगह बनाने के लिए इन खिलाड़ियों में ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन की तिकड़ी शामिल है। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज 13 जुलाई से वनडे के साथ शुरू होगी जिसके बाद 21 जुलाई से टी20 मैच खेले जाएंगे।

श्रीलंका में वनडे मैचों की तुलना में तीन टी20 ज्यादा अहमियत रखेंगे क्योंकि आगामी टी20 विश्व कप से पहले ये भारत के आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच होंगे।

पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘इस टीम में काफी खिलाड़ी हैं जो आगामी विश्व के लिए टीम में अपना स्थान पक्का करना चाहते हैं और कुछ जगह बनाना चाहते हैं लेकिन मुझे लगता है कि टीम में हर किसी का मुख्य लक्ष्य सीरीज जीतने की कोशिश करना है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुख्य उद्देश्य श्रृंखला जीतना है और उम्मीद करते हैं कि खिलाड़ियों को अच्छे प्रदर्शन के लिये मौका मिलेगा। विश्व कप से पहले सिर्फ तीन टी20 मैच ही हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि चयनकर्ताओं और मैनेजमेंट को अब तक अंदाजा हो गया होगा कि वे किस तरह की टीम चाहते हैं।’’