चेन्नई। विराट कोहली 2014 के अपने बुरे सपने जैसे इंग्लैंड दौरे की तुलना में अब कहीं अधिक अनुभवी खिलाड़ी हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा ने चेताया है कि फॉर्म में चल रहे तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन इस बार भी भारतीय कप्तान के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं. भारत का इंग्लैंड दौरा 3 जुलाई से शुरू हो रहा है. 2 महीने के इस दौरे में भारत को 3 T20, 3 वनडे और 5 टेस्ट मैच खेलने हैं. T20 सीरीज के तीनों मुकाबले 3 से 8 जुलाई के बीच खेले जाएंगे जबकि वनडे सीरीज 12 जुलाई से शुरू होकर 17 जुलाई तक चलेगा. इसके बाद 1 अगस्त से 7 सितंबर के बीच 5 टेस्ट मैच खेले जाएंगे.

इंग्लैंड के हालात से किया आगाह

मैकग्रा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कोहली अब कहीं अधिक अनुभवी खिलाड़ी हैं. वह स्तरीय खिलाड़ी है इसमें कोई शक नहीं है. लेकिन इंग्लैंड के हालात काफी कड़े होते हैं. जब आपके खिलाफ जिमी एंडरसन जैसा गेंदबाज होता है, जो अब अच्छी गेंदबाजी कर रहा हैं तो यह काफी कड़ा हो जाता है. आपको कड़ी मेहनत के लिए तैयार रहना होगा. कोहली स्तरीय खिलाड़ी हैं इसलिए मैं इस मुकाबले के लिए उत्सुक हूं.

चोट ने लगाया विराट कोहली के इंग्लैंड दौरे पर ग्रहण 

मैकग्रा ने साफ किया कि सिर्फ कोहली पर निर्भर रहना बेवकूफाना होगा और अगर वह विफल रहता है तो यह अन्य खिलाड़ियों को जिम्मेदारी निभाने का मौका देगा. उन्होंने कहा कि आप हमेशा चाहते हैं कि आपका सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करे. हालांकि यह अन्य बल्लेबाजों को भी जिम्मेदारी निभाने का मौका देता है और अब भी टीम में कुछ अच्छे बल्लेबाज मौजूद हैं. अगर भारत असल में एक ही खिलाड़ी पर निर्भर है तो वे गलती कर रहे हैं.

पुजारा को होगा फायदा

चेतेश्वर पुजारा इंग्लैंड में चार दिवसीय मैचों के दौरान काफी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे लेकिन मैकग्रा का कहना है कि वहां रहने का अनुभव भी फायदेमंद साबित होगा. उन्होंने कहा कि मैंने नहीं देखा कि ब्रिटेन के हालात कैसे हैं. पुजारा रन नहीं बना पाने के बावजूद वहां हैं. वह के हालात में खेलने से ही मुझे लगता है कि उसे मदद मिलेगी. गेंदबाजी विभाग के बारे में पूछने पर मैकग्रा ने भरोसा जताया कि तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह छाप छोड़ेंगे.