देश के महान धावक मिल्खा सिंह (Milkha Singh) का शुक्रवार को चंड़ीगढ़ के पीजीआईएमईआर हॉस्पिटल में निधन हो गया. वह 91 साल के थे, जो कोविड-19 के बाद की जटिलताओं से जूझ रहे थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने उनके निधन पर शोक गहरा शोक व्यक्त किया है.Also Read - सरकार ने जरूरी 5 मेडिकल उपकरणों पर व्यापार मार्जिन सीमित किया, करीब 620 प्रोडक्‍ट के दाम घटे

‘फ्लाइंग सिख’ के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह बीते महीने घातक वायरस कोरोना से जूझ रहे थे. बीते बुधवार को वह कोविड से तो उबर गए थे लेकिन कोविड के बाद होने वाली जटिलताओं से वह उबर नहीं पाए. Also Read - Covid-19 Tips: हो गए हैं कोविड पॉजिटिव तो जरूर करांए ये ब्लड टेस्ट, मौत का जोखिम हो सकता है कम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘कुछ दिन पहले ही मैंने मिल्खा सिंह जी से बात की थी. मुझे जरा भी ऐसा अहसास नहीं था कि वह हमारी आखिरी बातचीत होगी. देश के कई उभरते हुए एथलीट उनकी जीवन यात्रा से प्रेरणा लेंगे. उनके परिवार और दुनिया भर में उनके चाहने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं.’

इसके अलावा पीएम ने एक अन्य ट्वीट में मिल्खा सिंह के साथ अपनी एक तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मिल्खा सिंह जी के निधन से हमने एक ऐसे चमत्कारिक खिलाड़ी को खो दिया, जिन्होंने देश की कल्पना को पंख दिए और अनगिनत भारतीयों के दिल में अपनी एक खास जगह बनाई. उनका प्रेरणादाई व्यकित्व लाखों लोगों को प्रेरित करेगा. उनके निधन से गहरा दुख पहुंचा है.’

बता दें मिल्खा सिंह को ‘फ्लाइंग सिख’ नाम से भी माना जाता है. उन्होंने ने एशियाई खेलों में चार बार स्वर्ण पदक जीता है. इसके अलावा 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था. हालांकि, 91 वर्षीय मिल्खा सिंह को 1960 के रोम ओलंपिक के 400 मीटर फाइनल में उनकी एपिक रेस के लिए भी खासतौर से याद किया जाता है.

उन्होंने 1956 और 1964 के ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है और उन्हें 1959 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. बीते 13 जून को ही मिल्खा सिंह की पत्नी और भारतीय बास्केटबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर का कोरोना के कारण निधन हो गया था. सिंह के परिवार में तीन बेटियां डॉ. मोना सिंह, अलीजा ग्रोवर, सोनिया सांवल्का और बेटा जीव मिल्खा सिंह हैं. गोल्फर जीव, जो 14 बार के अंतरराष्ट्रीय विजेता हैं, भी अपने पिता की तरह पद्म श्री पुरस्कार विजेता हैं.