भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मिडिल ऑर्डर बैट्समैन मोहम्मद कैफ ने ग्रेग चैपल और जॉन राइट की कोचिंग स्टाइल में अंतर बताया है. राइट और चैपल भारतीय टीम के पहले विदेशी कोच रहे हैं. कैफ ने दोनों के मार्गदर्शन में क्रिकेट खेला है. उन्होंने पूर्व कोच चैपल के बारे में कहा है कि उनके पास मैन-मैनेजमेंट कौशल की कमी थी और यही कारण है कि वह इतने शानदार करियर के बावजूद भारतीय टीम के साथ बेहतर काम नहीं कर सके. Also Read - मौजूदा भारतीय टेस्ट टीम में से इन 5 खिलाड़ियों को अपनी टीम में रखना पसंद करेंगे सौरव गांगुली, बताई वजह

चैपल 2005 से 2007 तक भारतीय टीम के कोच थे. इस दौरान उनकी टीम के कई सीनियर खिलाड़ियों, खासकर तत्कालीन कप्तान तथा मौजूदा समय में बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली के साथ अनबन थी. Also Read - Asia Cup 2020 हुआ रद्द, सौरव गांगुली ने बेहद नाटकीय तरीके से किया ऐलान

‘भारतीय टीम की संस्कृति को समझ नहीं पाए चैपल’  Also Read - मैनेजर ने किया साफ धोनी का रिटायरमेंट लेने का नहीं है कोई इरादा, ये है आगे का प्‍लान !

द टाइम्स ऑफ इंडिया ने कैफ के हवाले से कहा, ‘चैपल एक अच्छे बल्लेबाजी कोच बन सकते थे. लेकिन उन्होंने खुद अपना नाम खराब कर लिया क्योंकि वह टीम को सही से संभाल नहीं पाए. वह भारतीय टीम की संस्कृति को नहीं समझ पाए. उनमें मैन-मैनेजमेंट कौशल का अभाव था और इसलिए वह एक अच्छे कोच साबित नहीं हो पाए.’

कैफ ने चैपल और उनके उत्तराधिकारी जॉन राइट के बीच अंतर बताते हुए कहा, ‘लोग जॉन राइट का सम्मान करते थे क्योंकि उनका खिलाड़ियों और कप्तान के साथ बेहतर सामंजस्य था.’ कैफ ने हाल में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.