साल 2000 में दक्षिण अफ्रीका के भारत दौरे के दौरान हुए मैच फिक्सिंग कांड के बुकी संजीव चावला को गुरुवार को इंग्‍लैंड से प्रत्‍यर्पण कर भारत लाया गया. संजीव चावला वही व्‍यक्ति है जिसके माध्‍यम से साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्‍तान हैंसी क्रोनिए अन्‍य बड़े बुकीज के साथ संपर्क में थे.

संजीव चावला ब्रिटिश नागरिक है. वहां की सरकार से बातचीत कर उसे भारत लाया गया है. दिल्‍ली पुलिस ने संजीव चावला का मेडिकल टेस्‍ट कराने के बाद उसे तिहाड़ जेल भेज दिया है.

इंग्‍लैंड की मेट्रोपॉलिटन पुलिस की तरफ से बुधवार को कहा गया कि भारत सरकार द्वारा ब्रिटिश सरकार को दिए गए आश्‍वासन के आधार पर ही संजीव चावला पर भारत में आगे की कार्रवाई की जाएगी.

इंडियन एक्‍सप्रेस से बातचीत के दौरान दिल्‍ली पुलिस के डीसीपी (क्राइम) राम गोपाल नाइक ने कहा, “हम इस मामले में गहराई तक जांच करेंगे. उन सभी पूर्व खिलाड़ियों से भी जल्‍द ही दोबारा पूछताछ की जाएगी जिनके नाम मैच फिक्सिंग के दौरान सामने आए थे.”

संजीव चावल दिल्‍ली का व्‍यवसायी था. वो कई देशों में रहने के बाद बाद 1996 में व्‍यवसायी वीजा पर इंग्‍लैंड चला गया था. साल 2000 में मैच फिक्सिंग कांड सामने आने के बाद भारत सरकार ने उसका भारतीय पासपोर्ट रद्द कर दिया था. इसके पांच साल बाद उसे इंग्‍लैंड की नागरिकता मिल गई थी.

शुरुआत में ऐसा बताया जा रहा था कि स्‍कॉटलैंड यार्ड संजीव चावला को भारत को प्रत्‍यपर्ण करने से जुड़ी कागजी कार्रवाई करेगी, लेकिन बाद में हीथ्रो एयरपोर्ट पर सारी कार्यवाही पूरी की गई.

अप्रैल 2000 में यह मैच फिक्सिंग कांड सामने आया था. साउथ अफ्रीका की टीम भारत दौरे पर थी. दिल्‍ली पुलिस ने हैंसी क्रोनिए और संजीव चावला के बीच बातचीत को इंटरसेप्‍ट किया था. बाद में पता चला कि संजीव चावला 90 के दशक के शुरुआती सालों में डी-कंपनी के सबसे बड़े बुकीज में से एक था.

साल 2016 में दिल्‍ली पुलिस के अनुरोध पर लंदन में संजीव की गिरफ्तारी हुई थी. दिल्‍ली पुलिस ने इस मामले में 2013 में अपनी चार्जशीट दाखिल की थी.