किंग्स्टन: भारत के हनुमा विहारी ने पहला टेस्ट शतक अपने दिवंगत पिता को समर्पित किया और साथ ही गेंदबाज इशांत शर्मा का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में पारी के दौरान दूसरे छोर पर उनका साथ निभाया. विहारी ने 13 साल पहले अपने पिता को खो दिया था जिसके बाद उन्होंने फैसला किया था कि वह पहला शतक उन्हें समर्पित करेंगे. उन्होंने साथ कहा कि इशांत ने दूसरे छोर पर उनका अच्छा साथ निभाया.

 

विहारी ने अपने करियर की 111 रन की पारी के बाद कहा कि जब मैं 12 साल का था, तब मेरे पिता का निधन हो गया था तभी मैंने फैसला किया था जब भी मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलूंगा तो अपना पहला शतक उन्हें समर्पित करूंगा. उन्होंने कहा कि आज का दिन मेरे लिये भावनाओं से भरा था और मुझे उम्मीद है कि वह जहां भी होंगे, उनहें मुझे पर गर्व होगा. मैं खुश हूं कि मैं ऐसा कर सका. इशांत (80 गेंद में 57 रन) के साथ उन्होंने अपना पहला शतक जमाया और 28.3 ओवर में आठवें विकेट के लिये 112 रन की भागीदारी कर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को हताश किया.

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विहारी ने कहा कि खुश हूं कि शतक बना सका और इसका श्रेय इशांत को दिया जाना चाहिए. उसने आज एक बल्लेबाज की तरह टिककर बल्लेबाजी की. वह जिस तरह से खेल रहा था, हम चर्चा करते रहे कि एक गेंदबाज कैसा खेल रहा है और उसके अनुभव ने सचमुच काफी मदद की.