नई दिल्ली. 24 अप्रैल 1973 को मुंबई में जन्में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर आज अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं. सचिन के जन्मदिन को लेकर आज भी उनके फैंस में जबरदस्त क्रेज हैं.

 

वैसे तो भारतीय क्रिकेट का इतिहास सचिन के अनगिनत किस्सों से पटा पड़ा है, जिससे आप भली-भांती परचित भी होंगे. लिहाजा, आज हम यहां सचिन के क्रिकेट से जुड़ी बातों की चर्चा नहीं करेंगे क्योंकि क्रिकेट धर्म के तो वो मसीहा हैं ही. हम यहां बात करेंगे उस सचिन की जो एक इंसान के तौर पर भी मिसाल है. हम बात करेंगे तेंदुलकर के उन 3 तेवर की जो उनके 45वें जन्मदिन से पहले देेखने को मिले हैं और जिसे देखने और समझने के बाद आप भी कहेंगे वाकई कमाल के हैं मास्टर ब्लास्टर.

‘एस्ट्रोलॉजर’ सचिन- कहते हैं हीरे की परख जौहरी ही जानता है. सचिन की ये परख किसी क्रिकेटर को लेकर तो नहीं है लेकिन हां है एक खिलाड़ी को लेकर ही, जो आज अपने खेल का बादशाह भी है. हम यहां बात कर रहे हैं भारत के स्टार शटलर किदांबी श्रीकांत की, जो अभी हाल ही में बैडमिंटन के वर्ल्ड नंबर वन प्लेयर बने हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्रीकांत के वर्ल्ड नंबर वन शटलर बनने की भविष्यवाणी सचिन ने 3 साल पहले ही उनके खेल को देखकर कर दी थी. साल 2015 में श्रीकांत जब सचिन से मिले थे तभी उन्होंने उनसे कहा कि वो एक दिन नंबर वन बैडमिंटन खिलाड़ी बनेंगे. सचिन की इस बड़ी भविष्यवाणी की जानकारी खुद श्रीकांत ने अपने नंबर वन बनने के बाद ट्वीट कर दी.

 

बड़े दिलवाले सचिन- सचिन जितने महान क्रिकेटर रहे हैं उतने ही बड़े दिलवाले भी हैं. सचिन का बड़ा दिल उनके जन्मदिन से हफ्ते भर पहले मुंबई में देखने को मिला. दरअसल, हुआ ये कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर मुंबई के बांद्रा से गुजर रहे थे. तभी वहां उन्होंने मेट्रो निर्माण में जुटे कुछ मजदूरों को क्रिकेट खेलते देखा. बस फिर क्या था वो खुद को रोक नहीं पाए और अपनी कार रुकवाकर उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे. सचिन ने मजदूरों के साथ कुछ देर जमकर क्रिकेट खेला जिससे उन्हें खुश होने का एक शानदार मौका मिला .

सबसे बड़े यार सचिन- मुंबई T20 लीग के दौरान सचिन के सबसे बड़ा यार होने का प्रमाण भी मिला, जब इस लीग के फाइनल मुकाबले के बाद पोस्ट मैच प्रजेन्टेशन में उनके बचपन के दोस्त विनोद कांबली उनके पैरों में झूक गए तो उन्होंने उन्हें अपने पुराने गिले-शिकवे मिटाकर कांबली को गले से लगा लिया.

 

दरअसल, हुआ ये कि मुंबई T20 लीग के फाइनल में शिवाजी पार्क पर लायन्स टीम को हार का सामना करना पड़ा. विनोद कांबली लायंस टीम के मेंटर थे . ऐसे में जब वो रनरअप टीम का अपना मेडल लेने मंच पर पहुंचे तो सुनील गावस्कर ने उस मेडल को जान बूझकर सचिन के हाथों से कांबली को पहनाया. जैसे ही सचिन ने वो मेडल कांबली को पहनाया, उन्होंने झुककर सचिन के पैर छू लिए. बस फिर क्या था सचिन ने भी हंसते हंसते अपने जिगरी यार को उठाकर गले से लगा लिया.

ये तीन हालिया किस्से बताते हैं कि सचिन सिर्फ एक महान क्रिकेटर ही नहीं रहे हैं, एक बड़ी शख्सियत भी हैं.