भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई धुरंधर रहे हैं जिन्होंने अपने प्रदर्शन से, खेलने के तरीकों से एक नया मुकाम बनाया है. उन्हीं जबरदस्त खिलाड़ियों में एक ऐसा खिलाड़ी भी था जिसने बहुत कम वक्त में अपने नाम ढेरों रिकॉर्ड किए भी और तोड़े भी. टीम इंडिया के इस स्पिनर की फिरकी ने अच्छे-अच्छे बल्लेबाजों को घुटने पर लाकर खड़ा दिया था. भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और दुनिया के महानतम स्पिनर्स में से एक बिशन सिंह बेदी (Bishan Singh Bedi) आज 73 साल के हो गए हैं. 13 साल के क्रिकेट करियर में बेदी (Bishan Singh Bedi Birthday) ने मैदान में कई अनोखे रिकॉर्ड अपने नाम किए. आज हम बेदी के जीवन से जुड़ी पांच दिलचस्प बातें आप सब के सामने रखेंगे, जिसे जानना आपके लिए जरूरी होगा.

1. इससे पहले कभी देखा नहीं था टेस्ट क्रिकेट

भारतीय पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी ने अपनी जिंदगी में कभी टेस्ट क्रिकेट देखा तक नहीं था. उनकी जिंदगी में ऐसा कोई आइडल भी नहीं था जिसे वो फॉलो करते हों. अपने एक इंटरव्यू में बेदी बताते हैं कि उन्होंने पहली बार तब टेस्ट क्रिकेट देखा था जब वो खुद पहली बार टेस्ट मैच खेलने मैदान पर उतरे थे.

बिशन सिंह बेदी, फोटो: ट्विटर

2. आव देखा न ताव 

टीम इंडिया (Team India) के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कप्तान के रूप में ऐसे फैसले लिए थे जो इससे पहले और इसके बाद किसी भी कप्तान ने नहीं लिए. बेदी ने 1976 में वेस्टइंडीज दौरे पर पिच की हालत को देखकर ही टीम की दोनों पारियों को घोषित कर दिया था. इन सब के पीछे की वजह विंडीज के गेंदबाजों द्वारा भारतीय बल्लेबाजों को चोटिल हो जाना था. ये सब देख कर कप्तान बेदी ने बिना कुछ सोचे दोनों पारियां ही घोषित कर दी थी.

3. अनोखे रिकार्ड्स में से ये हैं कुछ खास 

बेदी, लांस गिब्स के बाद क्रिकेट की दुनिया के एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके नाम हर टेस्ट मैच के हिसाब से सबसे अधिक मैडेन ओवर खेलने का रिकॉर्ड है. उन्होंने 4.2 मैडेन ओवर हर विकेट डाला है. बेदी ने 60 ओवरों के एकदिवसीय मैच में सबसे किफायती गेंदबाज का विश्व रिकॉर्ड बनाया है.1975 के विश्व कप में, जब गेंदबाजों को 12 ओवर देने की अनुमति थी, तब बेदी ने हेडिंग्ले में पूर्वी अफ्रीका के खिलाफ 12-8-6-1 (ओवर-मेड्स-रन-विकेट) के साथ अपना स्पेल खत्म किया था.

बिशन सिंह बेदी और विराट कोहली

4. विवाद 

भारतीय टीम का ये खिलाड़ी अपने गुस्से की वजह से कई बार मुश्किलों का सामना कर चुका था. साल 1978 में पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच में बेदी ने बीच मैच में ही अपने सभी बल्लेबाज को वापस बुला लिया था. हुआ कुछ यूं था कि सरफराज नवाज के लगातार बाउंसर फेंकने के बावजूद अंपायर ने किसी भी गेंद को वाइड नहीं बताया. इन सब से परेशान होकर बेदी ने अपने बल्लेबाज को वापस बुला लिया था. बेदी के इस फैसले के बाद पाकिस्तान को विजेता घोषित कर दिया था.

5. स्पिन की दुनिया के गुरु इन्हें मानते थे अपना आइडल  

जब कभी क्रिकेट की इतिहास लिखी जाएगी और उसमे जब स्पिनर्स की बात होगी तो कुछ नामों में से एक नाम ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी शेन वार्न का भी होगा. दुनिया के महानतम गेंदबाजों में से एक शेन वार्न ने बेदी को अपना आदर्श बताया था. वार्न ने एक इंटरव्यू में कहा था कि बेदी ने ही उनकी जिंदगी में स्पिन को लाया था और संवारा था.