भारतीय टेस्ट टीम में ठोस और टिककर बल्लेबाजी करने के लिए मशहूर बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) आज अपना 33वां बर्थडे सेलीब्रेट कर रहे हैं. हर टेस्ट मैच में खुद को साबित करने वाले पुजारा ने हाल ही में अपना दम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में दम दिखाया. इस बार उनके बल्लेबाज से कुछ बड़ी पारियां भले न निकली हों लेकिन उन्होंने सिडनी और ब्रिसेबनट टेस्ट में अपना रंग खूब जमाया. भारत एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराकर लौटा है तो इसमें पुजारा का योगदान भी अहम है. Also Read - Who Is Anupama Parameswaran: कौन हैं अनुपमा परमेश्वरन, जिससे Jasprit Bumrah की शादी के हैं चर्चे? किसी भी पल आ सकती है खुशखबरी!

इस दौरे पर इस बल्लेबाज ने कुल तीन फिफ्टी अपने नाम कीं. टेस्ट क्रिकेट में पुजारा को भारतीय टीम का संकटमोचक बल्लेबाज कहा जाता है. वह आधुनिक क्रिकेट में पुरानी शैली के बल्लेबाज हैं, जो विकेट पर पूरा समय लेकर पहले गेंदबाजों को अपने सॉलिड डिफेंस से थकाते हैं और फिर रनों का अंबार लगाते हैं. अपने करियर में अभी तक खेले कुल 81 टेस्ट में उन्होंने 6111 रन अपने नाम किए हैं. उनके नाम 18 शतक और 28 हाफ सेंचुरी हैं. Also Read - विमान के उड़ान भरने से पहले यात्री ने कहा, 'मैं कोरोना संक्रमित हूं', वापस मोड़ी गई इंडिगो की फ्लाइट और...

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जब ब्रिसबेन टेस्ट के आखिरी दिन भारत जीत के इरादे से मैदान पर उतरा तो पुजारा इस जीत के असली केंद्र बने. उन्होंने एक छोर पर अपने पांव अंगद की तरह गाड़ दिए थे और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की तीखी शॉर्ट बॉलिंग का डटकर सामना किया. दूसरे छोर से बाकी भारतीय बल्लेबाज रन बनाते चले गए. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज उनके शरीर पर बॉल मार रहे थे और पुजारा भी जिद्दी खिलाड़ी की तरह गेंद को शरीर पर खाते रहे. मैच के 5वें दिन टक्कर कांटे की थी और कंगारुओं ने कभी उनके हाथ पर, कभी छाती पर तो कभी हेल्मेट पर तीखे बाउंसर्स मारे.

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पुजारा को गेंद दर्द तो दे रही थी लेकिन असली दर्द और चुभन ऑस्ट्रेलिया को पहुंच रही थी. पुजारा ने इस पारी में 56 रन का अहम योगदान दिया और दूसरे छोर से शुबमन गिल (91), रिषभ पंत (89*) ऑस्ट्रेलिया से यह मैच और सीरीज दोनों छीनकर उसे घायल कर दिया. इस मैदान पर भारत ऑस्ट्रेलिया से पहली बार जीता था. इतना ही नहीं ब्रिसबेन के गाबा किले में ऑस्ट्रेलिया को 32 साल बाद किसी टीम ने मात दी थी.

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