पाकिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर जावेद मियांदाद (Javed Miandad) अपना 63वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. मियांदाद का जन्म 12 जून 1957 को कराची में हुआ था. दाएं हाथ के इस पूर्व बल्लेबाज के नाम  अपने देश के  लिए सर्वाधिक 6 वर्ल्ड कप (1975 से 1996) खेलने का रिकॉर्ड है. पाकिस्तान के इस पूर्व कप्तान को एक आक्रामक बल्लेबाज के रूप में जाना जाता है जिसने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी और कुशल रणनीति से कई बार टीम को जीत दिलाई. Also Read - विराट कोहली ने शुरू किया वर्कआउट; खोला अपनी फिटनेस का राज

वर्ष 1976 में जावेद मियांदाद ने न्यूजीलैंड के खिलाफ लाहौर में अपना टेस्ट डेब्यू किया था. उस समय उनकी उम्र 19 साल थी. डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में 163 रन की शानदार पारी खेल इस बल्लेबाज ने वर्ल्ड क्रिकेट में धमाकेदार एंट्री की. सीरीज के तीसरे टेस्ट में डबल सेंचुरी जड़ मियांदाद ने अपने नाम वो रिकॉर्ड दर्ज कर लिया जो आज तक कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है. वह टेस्ट में दोहरा शतक जड़ने वाले सबसे युवा बल्लेबाज हैं. Also Read - कोहली के साथ नाम जोड़े जाने पर भड़का पड़ोसी मुल्क का ये बल्लेबाज, कहा- तुलना ही करनी है तो पाकिस्तानी दिग्गजों से करो

टेस्ट में 23 जबकि वनडे में 8 शतक जड़े   Also Read - टी20 से नहीं बनते है गेंदबाज, घरेलू क्रिकेट को प्राथमिकता दें युवा खिलाड़ी : वसीम अकरम

Javed Miandad in test @Instagram

जिम्बाब्वे के खिलाफ 1993 में अपना आखिरी टेस्ट खेलने वाले मियांदाद ने क्रिकेट के सबसे पुराने फॉर्मेट में 124 मैचों में 8832 रन बनाए जिसमें 23 शतक और 43 अर्धशतक शामिल है. इस दौरान उनका औसत 52.57 का रहा.

मियांदाद ने टेस्ट करियर की शुरुआत करने से एक साल पहले यानी 1975 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में डेब्यू कर लिया था. उन्होंने 233 वनडे में 41.70 की औसत से कुल 7381 रन बनाए जिसमें 8 शतक और 50 अर्धशतक शामिल है.

पाकिस्तान को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में निभाई अहम भूमिका

Javed Miandad with Imran Khan@Instagram

पाकिस्तान की टीम इमरान खान की अगुआई में 1992 में पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनी. टीम को विश्व चैंपियन बनाने में जावेद मियांदाद का अहम योगदान रहा था जिन्होंने 9 मैचों में 5 अर्धशतकों की मदद से कुल 437 रन बनाए थे. इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में उन्होंने 58 रन की पारी खेली थी. उस वर्ल्ड कप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में मियांदाद दूसरे नंबर पर थे.

3 बार बने पाक टीम के कोच

इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद जावेद मियांदाद 3 बार पाकिस्तान टीम के कोच बने. पहली बार 1998 में जबकि दूसरी बार 2000 में फिर से टीम को कोचिंग देने की जिम्मेदारी सौंपी गई. साल 2003 में वर्ल्ड कप में हार के बाद पीसीबी ने तीसरी बार मियांदाद को कोच बनाया लेकिन भारत के खिलाफ 2004 में टेस्ट सीरीज हारने के बाद उन्हें अपना कोचिंग पद गंवाना पड़ा.

चेतन शर्मा की गेंद पर छक्का जड़ बने हीरो

Javed Miandad in action

जावेद मियांदाद 18 अप्रैल 1986 में शारजाह में खेले गए ऑस्ट्रल-एशिया कप के फाइनल में भारत के खिलाफ आखिरी गेंद पर छक्का जड़ पाकिस्तान के लिए हीरो बन गए थे. खिताबी मुकाबले में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने थीं. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 245 रन बनाए थे.

जवाब में पाकिस्तान ने 49.5 ओवर में 242 बना लिए थे. पाक को आखिरी गेंद पर जीत के लिए चार रन की दरकार थी. भारत की ओर से मध्यम गति के गेंदबाज चेतन शर्मा गेंदबाजी कर रहे थे. पाकिस्तान की उम्मीदें जावेद मियांदाद पर थी जो उस समय 110 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे. मियांदाद ने चेतन शर्मा की आखिरी गेंद को छक्के लिए बाउंड्री के पार भेज पाक को खिताबी जीत दिला दी. उधर, चेतन भारत में ‘विलेन’ बन गए.