भारतीय टीम के पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज कृष्णमाचारी श्रीकांत (Krishnamachari Srikkanth) आज अपना 61वां जन्मदिन (Happy Birthdya K. Srikkanth) मना रहे हैं. आज ही के दिन (21 December 1959) उनका जन्म मद्रास (अब चेन्नई) में हुआ था. 22 साल की उम्र में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया. वह करीब 10 साल टीम इंडिया के लिए वनडे और टेस्ट क्रिकेट खेले. वह ओपनिंग बल्लेबाज थे और तेज-तर्रार रन बनाने में माहिर थे. उन्हें चीका (Cheeka) नाम से भी जाना जाता है. Also Read - टेस्ट में केएल राहुल की वापसी से नाराज संजय मांजरेकर को श्रीकांत की नसीहत- 'मुंबई से हटकर सोचो'

1983 वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने सर्वाधिक 38 रन बनाए थे. इसकी बदौलत भारत ने 183 रन का स्कोर खड़ा किया था और वेस्ट इंडीज को यहां 140 रन पर समेट कर पहली बार वर्ल्ड कप चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था. दाएं हाथ के इस पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज ने क्रिकेट में तब गहरी छाप छोड़ी थी. कई जानकार मानते हैं कि वनडे क्रिकेट में ओपनिंग पर आकर तेजी से रन बनाने की शुरुआत श्रीकांत ने ही की थी. Also Read - पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा- खास किस्म के खिलाड़ी है देवदत्त पाडिक्कल

इसके बाद दुनिया की कुछ और टीमों ने भी यह फॉर्म्यूला अपनाया और ओपनिंग पर ऐसे बल्लेबाजों को ढूंढा जाने लगा जो तेजी से रन बना सकें. के. श्रीकांत क्रिकेटर होने के साथ-साथ पेशे से एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं. Also Read - आज ही के दिन टीम इंडिया पहली बार बनी थी वर्ल्ड चैंपियन, श्रीकांत बोले-कपिल देव की बातें टॉनिक साबित हुई

उन्होंने नवंबर-दिसंबर 1981 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की. इंग्लैंड की टीम तब भारत दौरे पर आई थी और श्रीकांत को यहां अपने टेस्ट और वनडे दोनों करियर की शुरुआत का मौका मिला. अपने पूरे करियर में उन्होंने 6 हजार से ज्यादा इंटरनेशनल रन बनाए. उनके नाम टेस्ट में 2 और वनडे में 4 शतक हैं.

श्रीकांत ने अपने करियर में कुल 43 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उनके नाम 2062 रन हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 2 शतक और 12 अर्धशतक हैं. वहीं वन-डे में उन्होंने 146 मैच खेलकर कुल 4091 रन बनाए, इस फॉर्मेट में उनके नाम 4 शतक और 27 अर्धशतक हैं. टेस्ट और वनडे दोनों में ही उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 123 रन है.

वह भारतीय टीम के कप्तान भी रहे. सचिन तेंदुलकर ने उन्हीं की कप्तानी में अपने वनडे और टेस्ट करियर का आगाज किया. बाद में वह भारतीय चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे. साल 2011 में जब भारतीय टीम दूसरी बार वनडे क्रिकेट में वर्ल्ड चैंपियन बनी थी. तो उस टीम को चुनने वाले चीफ सिलेक्टर के. श्रीकांत ही थे.