भारतीय क्रिकेट के दो बड़े स्पिन गेंदबाजों हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) और रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) के बीच चल रही प्रतिद्वंद्विता से सभी वाकिफ हैं। टेस्ट टीम में जगह बनाने के लिए इन दोनों ऑफ स्पिन गेंदबाजों के बीच हमेशा कड़ा मुकाबला होता था। साथ ही मैदान के बाहर हल्की-फुल्की बयानबाजी भी चलती रहती थी। लेकिन सीनियर स्पिनर हरभजन सिंह ने अश्विन को फिलहाल दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ऑफ स्पिनर बताकर इन दोनों खिलाड़ियों के बीच विवाद की अफवाहों को खत्म करने का फैसला किया है। Also Read - Harbhajan Singh ने टि्वटर पर की थी रेमडेसिवर की मांग, Sonu Sood ने दी मदद

हरभजन एक इस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान अश्विन के साथ जुड़े, इस दौरान दोनों खिलाड़ी काफी सहज दिखे और अपने बीच विवाद की बात को पूरी तरह खारिज किया। हरभजन ने कहा, “कई लोगों को लगता है कि हमारे बीच ईर्ष्या है लेकिन मैं उन लोगों को बताना चाहूंगा कि ऐसा कुछ नहीं है। अश्विन फिलहाल दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ऑफ स्पिनर है।” Also Read - इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के प्रमुख ऑलराउंडर की भूमिका में दिखेंगे रवींद्र जडेजा, ये हैं कारण

भारतीय स्पिनर ने अश्विन के अलावा ऑस्ट्रेलियाई स्पिन गेंदबाज नाथन लियोन (Nathan Lyon) की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “मैं नाथन लियोन को काफी ऊपर रखता हूं। ये ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर इस सूची में है क्योंकि उसने ऑस्ट्रेलिया से होते हुए भी, जहां कि पिच स्पिनर्स की खास मदद नहीं करती हैं, अपने लिए शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन अश्विन भविष्य का दिग्गज खिलाड़ी है। वो और विकेट लेने और विश्व के सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों के बीच जगह बनाने की क्षमता रखता है।” Also Read - मास्क ना खरीद पाने वालों की मदद को आगे आए रविचंद्रन अश्विन; ट्विटर पर किया N95 मास्क बांटने का ऐलान

इस बातचीत के दौरान अश्विन ने वो पल याद किया जब हरभजन से उन्हें खेल भावना का सबक मिला था। 2000-01 में ऑस्ट्रेलिया के भारत दौरे पर खेले गए चेपॉक टेस्ट को याद करते हुए अश्विन ने कहा, “मैंने चेपॉक में खेला गया एक भी टेस्ट मैच मिस नहीं किया..मैं या तो उनमें खेला हूं या फिर स्टैंड्स में बैठकर मैच देखा है। इसलिए उस टेस्ट के दौरान भी मैं वहां था।”

चेन्नई के इस क्रिकेटर ने आगे कहा, “मैं आपको साईराज बहतुले के पास जाकर मैथ्यू हेडन का कैच छोड़ने के माफी मांगते देखा। मेरे पिता ने बताया कि ये दो खिलाड़ियों के बीच खेल भावना का उदाहरण है। उन्होंने मुझे बताया कि खिलाड़ी कैसे मिलजुलकर खेलते हैं और अगली गेंद पर सारा ध्यान लगाते हैं। इसलिए उस घटना में मुझकर गहरा असर डाला।”

हरभजन ने भी उस मैच के याद किया और कहा, “मुझे निराशा हो रही क्योंकि हेडन ने दोहरा शतक जड़ा था। और बहतुले अच्छी गेंदबाजी करने के बावजूद ज्यादा विकेट नहीं ले पाया था। लेकिन उसने मुझसे कहा कि ये तो होता रहता है इसे छोड़ो। उस टेस्ट के दौरान वो मेरा रूम पार्टनर था लेकिन उसने कमरे में वापस आने के बाद कभी उस बात का जिक्र तक नहीं किया।”