साल 2001 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ ईडन गार्डन्‍स में खेले गए ऐतिहासिक मुकाबले में भारतीय टीम ने पारी से पिछड़ने के बावजूद भी राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) और वीवीएस लक्ष्‍मण (VVS Laxman) की शानदार बल्‍लेबाजी के दम पर वापसी की. कंगारू बल्‍लेबाज पूरा दिन लक्ष्‍मण-द्रविड़ को आउट नहीं कर पाए. बाद में हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने शानदार हैट्रिक झटक भारत को मैच में जीत दिलाई. भज्‍जी मैच का अहम हिस्‍सा होने के बावजूद भी लक्ष्‍मण-द्रविड़ की पारी की एक भी बॉल नहीं देख पाए.Also Read - IND vs SL 2nd T20i: भारतीय टीम में 4 खिलाड़ियों को डेब्यू का मौका, देखें दोनों टीमों का प्लेइंग XI

टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने वीवीएस लक्ष्‍मण और राहुल द्रविड़ के बीच बनी 376 रन की साझेदारी के दौरान उनकी बल्‍लेबाजी का लुत्‍फ न उठा पाने का कारण बताया. भज्‍जी ने कहा कि सचिन तेंदुलकर ने उन्‍हें मैच देखने से रोका और एक सीट पर ही पूरा दिन बैठाए रखा. Also Read - Sachin Tendulkar को मिला नया पार्टनर, बोले- सोशल मीडिया पर आज करा रहा हूं डेब्यू

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हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने कहा, “पहली पारी में बुरी तरह विफल होने के बाद दूसरी पारी के दौरान भी हमारी विकेट लगातार गिरती चली जा रही थी. लक्ष्‍मण और द्रविड़ जब बल्‍लेबाजी के लिए आए तो दोनों के बीच साझेदारी बनती हुई नजर आ रही थी. सचिन ने यह निर्णय लिया कि जो जहां बैठा है वहीं बैठा रहेगा.”

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“जब एक पूरे सेशन तक विकेट नहीं गिरी तो हमने खुद से यह कहा कि जो जहां बैठा है वो वहीं बैठा रहेगा. हम पूरा दिन अपनी सीट पर ही बैठे रहे. अगले दिन भी हमने इसी पैटर्न पर काम किया. मैं शुरुआत में ड्रेसिंग रूप में अंदर बैठा था और पूरा दिन वहीं बैठा रहा. मैं उनकी बल्‍लेबाजी की एक भी बॉल नहीं देख पाया. एक बार जब मैं खड़ा हुआ तब वीवीएल लक्ष्‍मण ने शतक पूरा किया था और उनके लिए तालियां बज रही थी.”