नई दिल्ली. वनडे सीरीज में अगर किसी कीवी बल्लेबाज के बल्ले ने भारतीय गेंदबाजों के जवाब दिया है तो वो उसके कप्तान केन विलियम्सन का बल्ला है. लेकिन, सीरीज के तीसरे वनडे में जिस तरह से उनके बल्ले की बोलती बंद हुई उससे साफ है कि ये सिर्फ इसलिए गरज रहा था क्योंकि अब तक भारत के पास उसका स्टार ऑलराउंडर नहीं था. तीसरे वनडे में ज्यों ही भारत के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने बैन हटने के बाद प्लेइंग XI में वापसी की कीवी कप्तान केन विलियम्सन के बल्ले को भी जैसे सांप सूंघ गया.

पांड्या का ‘सुपरमैन’ अवतार

बैन हटने के बाद टीम इंडिया में हार्दिक पांड्या की एंट्री सुपरमैन की तरह हुई है. हम ऐसा क्यों कह रहे हैं उसे जरा इन तस्वीरों से समझिए.

ये पांड्या की कोई मामूली छलांग नहीं है. इस छलांग ने कीवी कप्तान केन विलियम्सन का काम तमाम किया है. उनके बल्ले की गरज को शांत किया है और अपनी टीम को सबसे बड़ी सफलता से दो चार कराया है. बेशक ये सफलता गेंदबाज युजवेंद्र चहल के खाते में गई लेकिन बिना पांड्या की इस छलांग के वो संभव नहीं था.

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छलांग ने किया कीवी बल्लेबाज को ढेर

न्यूजीलैंड के लिए तीसरा वनडे मुकाबला करो या मरो का है. इतने अहम मैच में पांड्या की छलांग मैच का टर्निंग प्वाइंट भी बन सकता है. पांड्या ने विलियम्सन का ये सन्न कर देने वाला कैच मिड विकेट पर पकड़ा. इस हैरतअंगेज कैच ने विलियम्सन को झकझोर कर रख दिया क्योंकि मुकाबला जीतने के लिए उनका टिके होना जरूरी था. कप्तान केन विलियम्सन 28 रन बनाकर आउट हुए.

बैन के बाद की पांड्या ने वापसी

बता दें कि पांड्या पर BCCI ने एक टीवी शो के दौरान माहिलाओं पर की अभद्र टिप्पणी को लेकर बैन लगाया था. लेकिन पिछले हफ्ते उन पर से वो बैन फिलहाल के लिए हटा लिया गया , जिसके बाद उनकी टीम इंडिया में वापसी संभव हुई.