नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम की छवि विश्व क्रिकेट में हमेशा साफ रही है. टीम के खिलाड़ियों हमेशा इसे बरकरार रखा. लेकिन जब कोई विवाद हुआ तो खिलाड़ियों पर सख्त कार्यवाही करते हुए उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. हाल ही में हार्दिक पांड्या और लोकेश राहुल एक टीवी शो में महिलाओं से जुड़ी विवादित टिप्पणी की, जिसका जुर्माना उन्हें टीम इंडिया से बाहर होकर चुकाना पड़ा. पांड्या के साथ राहुल को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. लेकिन पांड्या और राहुल पहले ऐसे खिलाड़ी नहीं है जो किसी विवाद की वजह से टीम से बाहर हुए हैं. इस फेहरिस्त में कपिल देव और लाला अमरनाथ जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल हैं.

दरअसल पांड्या-राहुल से पहले कपिल देव भी 1985 में एक मुकाबले में ड्रॉप कर दिए गए थे. साल 1984 में इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर टेस्ट और वनडे मैच खेलने आयी. इंग्लैंड के खिलाफ कपिल ने शुरुआती दो टेस्ट मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया. लेकिन उन्हें तीसरे मैच से ड्रॉप कर दिया गया. यह फैसला कप्तान सुनील गावस्कर का था. कपिल को अनुशासनहीनता की वजह से बाहर किया गया था.

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इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच दिल्ली में खेला गया. इस मुकाबले में भारतीय टीम पहली पारी में 307 रन पर ऑलआउट हो गई. कपिल देव पहली पारी में शानदार खेले. उन्होंने 97 गेंदों का सामना करते हुए 7 चौकों की मदद से 60 रन बनाए. इसके जवाब में इंग्लैंड ने पहली पारी में 418 रन बनाए. जबकि टीम इंडिया दूसरी पारी में 235 रन पर ऑलआउट हो गई. दूसरी पारी में जब एक-एक करके सभी खिलाड़ी आउट होकर पवेलियन लौट रहे थे तब कपिल अपना बैट लेकर तैयार हुए और जब बारी आयी तो ड्रेसिंग रूम से निकलते वक्त बोले के अब इंग्लैंड वालों को दिखाता हूं कि कैसे बैटिंग करते हैं.

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कपिल ने मैदान पर पहुंचते ही आक्रामक बल्लेबाजी करनी शुरू की और एक छक्का जड़ा दिया. लेकिन वो छठी गेंद पर कैच थमा बैठे और आउट हो गए. कपिल का यह रवैया कप्तान गावस्कर को बिल्कुल पसंद नहीं आया. वो चाहते थे कि कपिल ठहरकर खेलें. लेकिन कपिल ने ऐसा नहीं किया. नतीजतन भारत यह मैच 8 विकेट से हार गया. अहम बात यह रही कि कपिल ने ड्रेसिंग रूम से निकलते समय जो कमेंट किया था, वह भी गावस्कर तक पहुंच गया. लिहाजा गावस्कर ने कपिल तीसरे टेस्ट के लिए टीम में जगह नहीं दी. गावस्कर की नजर में कपिल ने अनुशासनहीनता की थी. हालांकि गावस्कर और कपिल के बीच हुए इस मतभेद पर किसी ने भी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की.

गौरतलब है कि हार्दिक और राहुल से पहले लाला अमरनाथ को भी विदेशी दौरा छोड़कर भारत लौटना पड़ा था. भारतीय टीम 1936 में इंग्लैंड दौरे पर गई. इस दौरे पर टीम की कप्तानी महाराजा विजयनगरम कर रहे थे. उन्हें अमरनाथ का रवैया पसंद नहीं आया. इस वजह से अमरनाथ को दौरा छोड़कर भारत लौटना पड़ा.

दरअसल उनके छोटे बेटे राजिंदर ने एक किताब में इस घटना का जिक्र किया है. उन्होंने लिखा कि अमरनाथ की पीठ में काफी दर्द हो रहा. इसके बावजूद उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट में आराम नहीं दिया गया. उन्हें पूरा दिन पैट बांधकर बैठाये रखा और खेल खत्म होने से 10 मिनट पहले बैटिंग करने भेजा. जब अमरनाथ बैटिंग करके लौटे तो उन्होंने गुस्से में बैट फेंक दिया और पंजाबी में कुछ कहने लगे. अमरनाथ का यह रवैया कप्तान को पसंद नहीं आया. लिहाजा उन्होंने अमरनाथ को भारत भेज दिया.