भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने 2016 टी-20 विश्व कप के उस ऐतिहासिक मैच को याद किया है जिसमें भारत ने बांग्लादेश को जीत की दहलीज पर से मायूस लौटाकर खुद विजय पताका फहराई थी। बेंगलुरू में खेले गए उस मैच में भारत ने आखिरी तीन गेंदों पर तीन विकेट लेकर मैच को बांग्लादेश के मुंह से छीन लिया था। इन तीन में से दो विकेट कैच आउट थे जबकि आखिरी विकेट रन आउट था जिसके लिए महेंद्र सिंह धोनी को हमेशा याद किया जाता है। Also Read - धोनी भाई के साथ खेलकर पिच को पढ़ना सीखा : कुलदीप यादव

आखिरी ओवर का रोमांच Also Read - महेंद्र सिंह धोनी एक चैंपियन क्रिकेटर हैं : माइक हसी

बांग्लादेश को आखिरी ओवर में 11 रन की जरूरत थी। महमूदुल्लाह रियाद ने एक रन लेकर मुशफिकुर रहीम को स्ट्राइक दी थी, जिन्होंने लगातार दो चौके ठोककर टीम को जीत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया था। लेकिन इसके बाद दो लगातार कैच आउट और आखिरी गेंद पर धोनी द्वारा किए गए रन आउट ने बांग्लादेश को हार के लिए विवश कर दिया था। Also Read - इशांत शर्मा ने कहा- 2013 के बाद महेंद्र सिंह धोनी को अच्छे से समझ पाया था

पांड्या ने क्रिकबज से कहा, ‘अगर उस समय मैं होता तो एक रन लेता और जीत पक्की कर लेता और इसके बाद अपनी सिग्नेचर शॉट खेलता। इसलिए मैं सोच रहा था कि अगर कोई एक रन लेना चाहता है तो सबसे मुश्किल गेंद कौन सी होगी। मैंने सोचा कि बैक ऑफ द लैंग्थ गेंद पर मारना आसान नहीं होता और इस पर आप एक रन भी लेते हो तो यह काफी मुश्किल होता है, लेकिन वो बड़े शॉट के लिए गया और आउट हो गया।’

‘बड़े शॉट खेलने के चक्कर में आउट हुए बांग्लादेशी बल्लेबाज’

मुशफिकुर के बाद अगली गेंद पर महमूदुल्लाह भी बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए। बकौल हार्दिक, ‘अगली गेंद पर मैंने यॉर्कर डाली, और यह फुलटॉस हो गई। यह किस्मत ही थी, यह हुआ क्योंकि होना लिखा था, मैंने कुछ विशेष नहीं किया था।’

‘धोनी और आशु भाई ने दी ये सलाह’

इसके बाद पांड्या ने टीम के तत्कालीन कप्तान धोनी और उस समय टीम का हिस्सा आशीष नेहरा के साथ हुई चर्चा के बारे में बताया।

पांड्या ने कहा, ‘मुझे साफ तौर पर याद नहीं है लेकिन कुछ लोगों ने कहा कि बाउंसर डाल, लेकिन माही भाई और आशु भाई ने कहा कि निचले क्रम का बल्लेबाज है, वो बल्ला घुमाएगा और किनारा भी लग गया तो चौका हो सकता है इसलिए ऑफ स्टम्प के बाहर डाल।’

उन्होंने कहा, ‘मैंने गेंद को थोड़ा बाहर डाला और इसके बाद मैं अपनी आवाज खो बैठा।’ पांड्या की इस गेंद को शुवगता होम खेल नहीं पाए और गेंद धोनी के पास गई जिन्होंने एक हाथ में ही ग्ल्व्स पहना था, उन्होंने काफी तेज दौड़ लगाते हुए गेंद को सटम्प में मार दिया। मैदानी अंपायर ने फैसला तीसरे अंपायर पर छोड़ा जिन्होंने रहीम को आउट करार दिया और टीम इंडिया जीत गई।’