नई दिल्ली : अफगानिस्तान के बल्लेबाज हशमतुल्लाह शाहिदी ने कहा कि मंगलवार को इंग्लैंड के खिलाफ आईसीसी विश्व कप के मुकाबले में गेंद हेलमेट पर लगने से मैदान पर गिरने के बाद वह तुरंत उठ खड़े हुए क्योंकि इससे उनकी मां चिंतित हो सकती थी. शाहिदी जब 24 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब तेज गेंदबाज मार्क वुड की करीब 150 किली मीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से फेंकी गयी गेंद उनके हेलमेट से टकराई और वह जमीन पर गिर गये.

ऐसा लगा कि 24 साल का यह बल्लेबाज रिटायर्ड हर्ट होगा लेकिन उन्होंने हेलमेट बदलकर खेलना जारी रखा और वह टीम के शीर्ष स्कोरर रहे. हालांकि उनकी 76 रन की पारी के बाद भी अफगानिस्तान की टीम इंग्लैंड से 150 रन से हार गयी.

टूर्नामेंट में पांच मैचों में टीम की पांचवीं हार के बाद शाहिदी ने कहा, ‘‘मैं अपनी मां के कारण तुरंत उठ खड़ा हुआ. पिछले साल मेरे पिता का निधन हुआ था और मैं मां को दुखी नहीं देखना चाहता हूं. मेरा पूरा परिवार इस मुकाबले को देख रहा था, मेरे बड़े भाई भी मैदान में मौजूद थे. मैं नहीं चाहता था कि वह चिंतित हो.’’

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इस मैच को देखने के लिए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी भी ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान में मौजूद थे. शाहिदी के बल्लेबाजी जारी रखने के फैसले के बाद हालांकि इस बात पर सवाल उठ रहा कि आईसीसी सिर की चोटों से कैसे निपट रहा. शाहिदी को चिकित्सकों ने मैदान से बाहार आने की सलाह दी थी.

शाहिदी ने कहा, ‘‘आईसीसी के चिकित्सक और हमारी टीम के फिजियो मेरे पास आए और मेरा हेलमेट बीच में टूट गया था. उन्होंने मुझे बाहर आने के लिए कहा लेकिन मैने कहा कि मैं इस स्थिति में अपनी टीम को नहीं छोड़ सकता हूं. टीम को मेरी जरूरत है. मैंने बल्लेबाजी जारी रखी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैच के बाद मैं फिर से आईसीसी के चिकित्सक के पास गया. उन्होंने मेरा अच्छे से ख्याल रखा और कहा कि सब ठीक हो जायेगा.’’

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अफगानिस्तान टीम के अधिकारी नावेद सायेह ने भी पुष्टि की कि शाहिद ने बल्लेबाजी जारी रख कर चिकित्सको की सलाह के खिलाफ काम किया था. सायेह ने कहा, ‘‘डॉक्टरों ने उनसे कहा था कि कृपया मैदान से बाहर आ जाए लेकिन उन्होंने कहा, ‘नहीं, मैं अब ठीक हूं इसलिए अपनी बल्लेबाजी जारी रखूंगा’.’’