देश में कोविड-19 महामारी के कारण 21 दिन का लॉकडाउन घोषित है. कोरोनावायरस की चपेट में आकर भारत में अब तक 199 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है जबकि इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 6 हजार को पार कर गई है. कोरोना के चेन को को तोड़ने के लिए लोगों से लगातार अपने घरों में रहने की अपील की जा रही है.
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भारत को 2007 में टी-20 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व तेज गेंदबाज जोगिंदर शर्मा कोरोना से छिड़ी जंग में इस समय सड़कों पर उतरकर देश की सेवा कर रहे हैं. हिसार जिले में पुलिस उपाधीक्षक जोगिंदर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोग घरों में ही रहें और सरकार द्वारा लगाए गए 21 दिन के लॉकडाउन का पालन करें.
अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए उन्हें 24 घंटे सातों दिन उपलब्ध रहना पड़ता है. जोगिंदर ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से कहा, ‘मेरा दिन सुबह छह बजे से शुरू होता है. आज मैंने सुबह नौ बजे से ड्यूटी शुरू किया और अभी घर वापस आया (रात 8 बजे) लेकिन मुझे इमरजेंसी सेवाओं के लिए तैयार रहना होता है. इसलिए देखा जाए तो मैं 24 घंटे तैयार रहता हूं. मैं ना नहीं कह सकता.’
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बकौल जोगिंदर, ‘मुझे जो एरिया देखने होते हैं वो हिसार के गांव हैं. अभी, इसमें चेक पोस्ट को देखना और न सिर्फ ट्रक तथा बस को निर्देश देना बल्कि आम आदमी को भी देखना शामिल होता है. एक आम संदेश यह होता है कि जब तक जरूरत न हो घरों से बाहर न निकलो. अगर कोई बिना कारण के बाहर है तो हम उन्हें कानून के मुताबिक सजा दे सकते हैं.’
जोगिंदर वही गेंदबाज हैं जिन्होंने ने 2007 टी-20 विश्व कप के फाइनल का आखिरी ओवर फेंका था और पाकिस्तान टीम के बल्लेबाज मिस्बाह उल हक को शांताकुमारन श्रीसंत के हाथों कैच आउट करा टीम को खिताबी जीत दिलाई थी.
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