पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने मौजूदा उप-कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के करियर में जो भूमिका निभाई है, वही भूमिका पूर्व दिग्गज सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने उनके करियर में निभाई थी। धोनी ने मध्य क्रम में संघर्ष कर रहे रोहित को चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान सलामी बल्लेबाजी करने का मौका दिया और वहां से उनके करियर को एक नहीं दिशा मिली।Also Read - Sourav Ganguly पर कलकत्ता हाई कोर्ट ने लगाया जुर्माना, गलत ढंग से जमीन आवंटन का मामला

ठीक इसी तरह पूर्व कप्तान गांगुली ने धोनी को निचले बल्लेबाजी क्रम से हटाकर नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने का मौका दिया। जिसके बाद दुनिया को एक अलग ही शैली का बल्लेबाज देखने का मौका मिला। Also Read - मिताली राज भारतीय टीम की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, स्ट्राइक रेट को लेकर आलोचना गैरजरूरी: शांता रंगास्वामी

मौजूदा बोर्ड अध्यक्ष गांगुली ने बताया कि धोनी के बड़े शॉट्स खेलने की क्षमता को देखते हुए ही उन्होंने माही को ऊपरी क्रम  में बल्लेबाजी का मौका दिया था। धोनी पहली बार 2005 में विशाखापट्टनम में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए वनडे मैच में नंबर-3 पर उतरे थे, जहां उन्होंने 148 रनों की पारी खेल टीम को जीत दिलाई थी। Also Read - NZ का अपराध माफी योग्‍य नही, Shahid Afridi बोले- भारत के पीछे-पीछे ना चलें पढ़े-लिखे देश

गांगुली ने स्पोटर्सतक से बात करते हुए कहा, “धोनी को विशाखापट्टनम में नंबर-3 पर खेलने का मौका मिला और उन्होंने शानदार शतक जमाया। उन्हें जब भी ज्यादा ओवर खेलने का मौका मिला है उन्होंने बड़ा स्कोर किया है। सचिन तेंदुलकर अगर नंबर-6 पर खेलते रहते तो वो आज सचिन तेंदुलकर नहीं बनते क्योंकि नीचे आपको कम गेंदें खेलने को मिलती हैं।”

गांगुली ने कहा, “चैलेंजर ट्रॉफी थी, उन्होंने मेरी टीम से सलामी बल्लेबाजी करते हुए शतक बनाया था। मुझे यह पता था। खिलाड़ी तब बनता है जब उसे ऊपर भेजा जाता है, आप निचले क्रम में रखकर किसी को खिलाड़ी नहीं बना सकते। मेरा हमेशा से मानना है कि ड्रेसिंग रूम में बैठ कर आप बड़ा खिलाड़ी नहीं बन सकते। उनमें जिस तरह की काबिलियत थीं, खासकर छक्के मारने की, वो कम होती है।”

बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष ने कहा, “जब मैंने संन्यास लिया तो मैंने कई बार अपने विचार रखे कि धोनी को ऊपरी क्रम में खेलना चाहिए।”