भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र में काम करने वाले कोरोना वायरस से संक्रमित रसोइये की मौत के बावजूद हॉकी इंडिया ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी पुरुष और महिला हॉकी टीमों को बेंगलुरू से स्थानांतरित करने की संभावना से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि खिलाड़ी उस रसोइये के संपंर्क में नहीं थे। Also Read - पूर्व पाक गेंदबाज ने कहा- खाली स्टेडियम में टी20 विश्व कप का आयोजन सही नहीं

हॉकी इंडिया की सीईओ एलिना नोर्मन ने पीटीआई को बताया, ‘‘टीमों को बेंगलुरू से हटाने का सवाल ही पैदा नहीं होता क्योंकि यह देश में सर्वश्रेष्ठ सुविधा है। अगर हम ऐसा करने के बारे में सोचते भी हैं तो भी लॉकडाउन की वजह से व्यावहारिक रूप से असंभव होगा।’’ Also Read - National Sports Awards 2020: क्या Hitman रोहित शर्मा को चुनौती दे पाएगी महिला 'तिकड़ी'

शीर्ष अधिकारी ने ये भी बताया कि रसोइये का निधन दिल का दौरा पड़ने से हुआ और बाद में वो कोरोना वायरस  पॉजिटिव पाया गया। अधिकारी ने हालांकि कहा कि डरने की कोई बात नहीं है क्योंकि मृतक को खिलाड़ियों के रहने के स्थान पर जाने की स्वीकृति नहीं थी। अधिकारी ने बताया कि रसोइया 10 मार्च से गेट के आसपास के क्षेत्र से आगे नहीं गया था। Also Read - हॉकी इंडिया ने खेलरत्न के लिए महिला हॉकी कप्तान रानी रामपाल का नाम भेजा

अधिकारी ने कहा, ‘‘एक रसोइया, जो लगभग 60 कर्मचारियों का हिस्सा था। जिन्हें अधिक उम्र के कारण 10 मार्च से घर पर रहने को कहा गया था, उसका अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वो अपने एक रिश्तेदार के बच्चे के जन्म के लिए अस्पताल गया था और वहां उसे दिल का दौरा पड़ा और उसका निधन हो गया। नियमों के तहत उसका कोविड-19 परीक्षण किया गया जो पॉजिटिव आया।’’

अधिकारी ने कहा, ‘‘परिसर को तीन भागों को बांटा गया है- गेट के आसपास का क्षेत्र, सेक्टर-ए और सेक्टर-बी। खिलाड़ी आखिरी हिस्से सेक्टर-बी में रहते हैं इसलिए वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और पिछले दो महीने से पृथकवास में हैं।’’

साइ अधिकारी ने इन खबरों को भी खारिज कर दिया कि मृतक रसोइये ने पिछले शुक्रवार को साइ परिसर के अंदर बैठक में हिस्सा लिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘वो पिछले 65 दिन से परिसर से बाहर था। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से पहले ही 10 मार्च को हमारे परिसर में लॉकडाउन हो गया था। रसोइया आखिरी बार 15 मार्च को परिसर में आया था लेकिन गेट के आसपास ही रुका था और उसे अंदर नहीं आने दिया गया था।’’