मुंबई। पूर्व भारतीय कप्तान और कोच सलाहकार समिति (सीएसी) सदस्य सौरव गांगुली ने यह कहते हुए विराट कोहली को स्पष्ट संदेश भेजा कि कोच कैसे काम करते हैं, भारतीय कप्तान को इस बात को समझने की जरूरत है. कोहली से मनमुटाव के बाद अनिल कुंबले ने पद से इस्तीफा दे दिया. तीन सदस्यीय सीएसी में गांगुली के अलावा सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण मौजूद हैं. समिति ने इंटरव्यू प्रक्रिया के पूरा करने के बावजूद अगले भारतीय कोच की नियुक्ति को रोक दिया है.Also Read - IND vs NZ Test: पिच कवर्स से ढकी हुई है, टिम साउदी की भविष्‍यवाणी- मुंबई में गेंद होगी स्विंग

गांगुली ने कहा, कोच कैसे काम करते हैं, विराट को यह समझने की जरूरत है. साथ ही आपको कोहली को श्रेय देना होगा कि वह कोच चयन प्रक्रिया से दूर रहे. जब वह वेस्टइंडीज से वापस आएगा तो हम उससे बात करेंगे. गांगुली ने कहा कि वे भारतीय क्रिकेटरों के सर्वश्रेष्ठ हित में फैसले लेंगे. प्रक्रिया पूरी हो गयी है. सारे प्रेजेंटेशन शानदार थे. हम सिर्फ उन लोगों से बात करना चाहते हैं जो अहमियत रखते हैं. हम सबकी राय एक जैसी होनी चाहिए. जो भी आएगा, उसे 2019 विश्व कप तक होना चाहिए. Also Read - IND A vs SA A Test: सरफराज खान ने खेली वनडे के अंदाज में पारी, 7वें नंबर पर आकर ठोक दिए नाबाद 71 रन

गांगुली ने कहा,  हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छह महीने तक राय में मतभेद नहीं हों. चैम्पियंस ट्राफी के दौरान बैठकों में कोहली से बातचीत में ली गई राय के बारे में पूछने पर गांगुली ने कहा कि वो बिलकुल अलग पहलू था. जैसा कि मैंने कहा कि वह इस पूरी प्रक्रिया से दूर रहा. हम सुनिश्चित करना चाहते थे कि हम भारतीय क्रिकेटरों के लिए सर्वश्रेष्ठ संभव फैसला करें. कोच, कप्तान और खिलाड़ी ही भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाएंगे. कोच के चयन के बाद सीएसी का काम खत्म हो जाएगा. गांगुली ने संकेत दिया कि कोच का चयन श्रीलंका दौरे से पहले कर लिया जाएगा. श्रीलंका दौरे पर पहला टेस्ट 26 जुलाई से खेला जाएगा. Also Read - IND vs NZ Test: पांच साल से 'वानखेड़े स्‍टेडियम' को टेस्‍ट क्रिकेट का इंंतजार, विराट ने जड़ा था दोहरा शतक

शास्त्री-गांगुली की अदावत
गांगुली ने जिस अंदाज में अपनी बात कही है वह  इस ओर इशारा कर रहा है कि विराट कोहली की पसंद रवि शास्त्री की राह आसान नहीं है. शास्त्री और गांगुली की अदावत जगजाहिर है. पिछली बार शास्त्री के इंटरव्यू के दौरान गांगुली थे ही नहीं, जिससे शास्त्री काफी नाराज थे. उन्होंने बाद में इसे खुलकर जाहिर भी किया. उनका कहना था कि इतने महत्वपूर्ण इंटरव्यू के दौरान गांगुली को वहां रहना चाहिए था. सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण ने ही शास्त्री का इंटरव्यू लिया था. बाद में चयन अनिल कुंबले का हुआ.

शास्त्री का सफल कार्यकाल

इससे पहले रवि शास्त्री टीम इंडिया के साथ बतौर डायरेक्टर भी जुड़ चुके हैं. पूर्व कोर्ट डंकन फ्लेचर की विदाई के बाद उन्हें ये जिम्मेदारी मिली थी. उनका ये कार्यकाल करीब एक साल का रहा था. इस दौरान उनकी और विराट कोहली की जुगलबंदी खासी चर्चा में रही थी. दोनों के बीच अच्छा तालमेल देखने को मिला था और टीम ने भी अच्छा प्रदर्शन किया था.

कुंबले ने दिया था इस्तीफा

हाल ही में कोच अनिल कुंबले ने कोच पद से इस्तीफा दिया है. चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में पाकिस्तान के हाथों करारी हार के बाद कुंबले ने कोच पद से इस्तीफा दिया था. चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कप्तान विराट कोहली और कुंबले के बीच गहरे मतभेद का खुलासा भी हुआ. हालांकि दोनों ने इसे सिर्फ अफवाह ही करार दिया, लेकिन इस्तीफा देने के बाद कुंबले ने साफ कर दिया कि उनकी कोहली से कुछ वक्त से बात तक नहीं हो रही थी.

(भाषा इनपुट)