वर्ष 2013 से 2019 तक क्रिकेट वेस्टइंडीज प्रमुख रहे डेव कैमरन (Dave Cameron) ने लंबी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)का प्रस्ताव दिया और वह चाहते हैं कि सभी टी20 लीग साथ साथ चलती रहे जैसे शीर्ष फुटबॉल लीग ईपीएल, ला लिगा और सीरी ए का आयोजन होता है जो एक ही समय शुरू होती हैं.Also Read - विराट कोहली के बाद जेसन होल्डर बन सकते हैं RCB के अगले कप्तान: आकाश चोपड़ा

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) का अगला चेयरमैन बनने की इच्छा रखने वाले कैमरन क्रिकेट की दुनिया की कल्पना कुछ इस तरह करते हैं कि इसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर के बजाय ज्यादा जोर निजी टी20 लीग को दिया जाए. Also Read - 'फोन उठाओ और एक दूसरे से बात करो': कपिल देव ने विराट कोहली-सौरव गांगुली को देश के बारे में सोचने की सलाह दी

कैमरन हालांकि आईसीसी के इस पद पर काबिज होना चाहते हैं लेकिन क्रिकेट वेस्टइंडीज ने वैश्विक संस्था में इस शीर्ष पद के लिए उनकी उम्मीदवारी को समर्थन नहीं दिया है. Also Read - अगर मुझे इस आईपीएल नीलामी में नहीं चुना जाता है, तो नहीं पता कि कब मौका मिलेगा: बेन मैकडरमोट

‘टेस्ट क्रिकेट खेलना छोटी टीमों के लिए विकल्प होना चाहिए’

कैमरन ने पीटीआई से इंटरव्यू में कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट खेलना छोटी टीमों जैसे अफगानिस्तान और आयरलैंड के लिए विकल्प होना चाहिए, यह अनिवार्य नहीं होना चाहिए.’

इंग्लैंड के कोलिन ग्रेव्स को आईसीसी चेयरमैन पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है और भारत के सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) भी इस दौड़ में शामिल हो सकते हैं. इसके लिये आईसीसी बोर्ड से कम से कम दो वोट की जरूरत होती है और कैमरन का कहना है कि उनके पास ये सुरक्षित हैं.

उन्होंने कहा, ‘मेरे पास ये दोनों वोट हैं, मुझे नहीं लगता है कि इसमें बदलाव होगा. मैं आईसीसी में गांगुली के भविष्य के बारे में सुनने का अब भी इंतजार कर रहा हूं. उन्होंने अभी तक चुनाव प्रक्रिया को अंतिम रूप नहीं दिया है.’

‘क्रिकेट को उप महाद्वीप से बाहर ले जाना चाहिए’

विश्व क्रिकेट के बारे में बात करते हुए कैमरन ने कहा, ‘खेल को उप महाद्वीप से बाहर ले जाना चाहिए, हमें चीन और अन्य जगहों पर इसके विकास की जरूरत है. यह योजना है जिसमें भारत को शामिल करना होगा. किसी भी वैश्विकरण में भारत के निवेश की जरूरत होगी (जो खेल राजस्व का 80 प्रतिशत हिस्सा लाता है.