ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने गुरूवार को टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद में से एक विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) के 53 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में मिली हार पर निराशा व्यक्त की है। विनेश को गुरूवार की सुबह माखुहारी मेसे हॉल में बेलारूस की वानेसा कलादजिंस्काया के हाथों 3-9 से हार का सामना करना पड़ा।Also Read - Tokyo Olympics में हारकर भी इतिहास रचने वाली भवानी देवी की तलवार हो सकती है आपकी! जानें पाने का तरीका

हरियाणा की पहलवान अंतिम-8 के मुकाबले में बेलारूस की पहलवान के सामने उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकीं। उन्हें वानेसा के सोलिड डिफेंस के आगे संघर्ष करना पड़ा। हालांकि, उनकी यह हार विनेश की पदक उम्मीद का आखिरी मौका नहीं थी क्योंकि उनके पास रेपेचाजे की संभावना थी। Also Read - नीरज चोपड़ा, सुमित अंतिल की सफलता के बाद क्रिकेट जितना लोकप्रिय होगा भालाफेंक: अनुराग ठाकुर

हालांकि, वानेसा को सेमीफाइनल में चीन की पांग कियानयू के हाथों हार का सामना करना पड़ा जिससे विनेश का टोक्यो ओलंपिक में सफर समाप्त हो गया। Also Read - उत्कृष्टता हासिल करने के लिए विराट कोहली को फॉलो करना चाहते हैं पीआर श्रीजेश

इस खबर से निराश रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी ने आईएएनएस से कहा, “मैं अपने आंसू नहीं रोक सकी। मैंने सेमीफाइनल मैच देखा और मैं बता नहीं सकती कि मुझे अभी कैसा लग रहा है। कुश्ती में यह हमारा खराब दिन था। रियो में विनेश चोटिल हो गई थीं और उस वक्त वह काफी निराश हुई थीं। लेकिन उन्होंने इसके बाद मजबूती से वापसी की और टोक्यो ओलंपिक के लिए काफी मेहनत की। मैं सोच भी नहीं सकती कि उन्हें इस वक्त कैसा लग रहा होगा।”

भावुक साक्षी ने कहा, “विनेश हमारी मजबूत दावेदार थीं। हमें अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि वह हार गई हैं। यह मेरे जीवन का बहुत बुरा दिन है। मैं अभी विनेश से बात करूंगी।”

विनेश ने अपनी अभियान की शुरूआत शानदार तरीके से की थी और अपने ओपनिंग बाउट में स्वीडन की सोफिया मागडालेना मैटसन जो रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता हैं, उन्हें 7-1 से हराया था।