भारतीय क्रिकेट टीम के युवा तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा है कि उन्होंने ऐसा समय भी देखा है जब उनके पास केवल एक जोड़ी जूते और टी-शर्ट हुआ करता था.

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भारतीय क्रिकेट के पोस्टर ब्वॉय बनने से पहले बुमराह ने पांच साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था और उसके बाद उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा.

पच्चीस साल के बुमराह कमर के निचले हिस्से में लगी चोट (स्ट्रेस फ्रैक्चर) के कारण भारतीय टीम से बाहर हैं और इलाज के लिए इंग्लैंड गए हैं.

आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियन्स ने बुधवार को एक वीडियो ट्वीट किया जिसमें बुमराह और उनकी मां दलजीत बुमराह ने संघर्ष के दिनों को याद किया.

दलजीत ने कहा, ‘जब यह पांच साल का था, तब मैंने अपने पति को खो दिया.’

बुमराह ने कहा, ‘उसके बाद हम कुछ खरीदने की स्थिति में नहीं थे. मेरे पास एक जोड़ी जूते थे. मेरे पास एक जोड़ी टी-शर्ट हुआ करता था. मैं उसे हर दिन धोता था और बार-बार इस्तेमाल करता था.’

उन्होंने कहा, ‘बचपन में आप ऐसी कहानियां सुनते है कि कुछ लोग आते हैं और आपके खेल से प्रभावित होते हैं और आपका चयन हो जाता है. लेकिन मेरे साथ यह वास्तव में हुआ है.’

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बुमराह ने पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग में 2013 में अपनी पहचान बनाई और छह साल के अंदर वह एकदिवसीय में दुनिया के शीर्ष रैंकिंग वाले गेंदबाज बन गए.

दलजीत ने कहा, ‘पहली बार जब मैंने टीवी पर उसे आईपीएल मैच में देखा, तो मैं खुद को रोने से रोक नहीं पाई. इसने मुझे आर्थिक और शारीरिक रूप से भी संघर्ष करते देखा है.’

इलाज के लिए इंग्लैंड पहुंचे गुजरात के इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘ये कठिन समय आपको मजबूत बनाते हैं क्योंकि आपने पहले संघर्षपूर्ण दिन देखे हैं.’