खेल जगत में नस्लभेद का आरोप समय-समय पर खिलाड़ी लगाते रहे हैं. वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल का कहना है कि यह सिर्फ फुटबॉल में नहीं है बल्कि क्रिकेट में भी खिलाड़ियों का इसका शिकार होना पड़ता है.Also Read - Chris Gayle के बाद T20 क्रिकेट में Virat Kohli होंगे अगले 14 हजारी: Saba Karim

गेल ने यह बात अमेरिका में अश्वेत शख्स जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कही है. गेल ने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ‘अश्वेत लोगों की जिंदगी भी दूसरों की जिंदगी की तरह मयाने रखती है. अश्वेत लोग मायने रखते हैं (ब्लैक लाइव्स मैटर). मैंने पूरा विश्व घूमा है और नस्लभेदी बातें सुनी हैं क्योंकि मैं अश्वेत हूं. विश्वास मानिए..यह फेहरिस्त बढ़ती चली जाएगी.’ Also Read - 42 साल की उम्र में भी Chris Gayle खेल रहे ताबड़तोड़ पारी, CWI प्रमुख ने जमकर सराहा

उन्होंने कहा, ‘नस्लभेद सिर्फ फुटबॉल में नहीं है.. यह क्रिकेट में भी है. यहां तक कि टीमों के अंदर भी एक अश्वेत होने के तौर पर मुझे अहसास हुआ है.’ मैनचेस्टर युनाइटेड और इंग्लैंड के फुटबॉल खिलाड़ी मार्क्‍स रशफोर्ड ने भी फ्लॉयड की मौत के बाद कहा था कि यह समाज पहले से ज्यादा बंटा हुआ लगता है. Also Read - Chris Gayle World Records: T20 क्रिकेट में इकलौते 14 हजारी बने Chris Gayle, देखें उनके 10 बेमिसाल रिकॉर्ड

जोफ्रा आर्चर को पिछले साल होना पड़ा था इसका शिकार 

गौरतलब है कि क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स भी इस तरह के आरोप लगा चुके हैं जबकि पिछले साल न्यूजीलैंड दौरे पर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर को इस तरह की चीजों से दो-चार होना पड़ा था. हालांकि बाद में न्यूजीलैंड क्रिकेट ने उस फैंस पर घरेलू और इंटरनेशनल क्रिकेट से दो साल का बैन लगा दिया था.