सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ एलिमिनेटर में हारकर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें सीजन से बाहर हुई रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के ट्रॉफी जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। वहीं पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने बैंगलोर टीम मैनेजमेंट से अपना कप्तान बदलने की बात कही है। गंभीर का मानना है कि समय आ चुकी है आरसीबी टीम विराट कोहली (Virat Kohli) से आगे बढ़े।Also Read - AUS पर जीत से भारतीय प्‍लेइंग-11 हुआ साफ, इन खिलाड़ियों के साथ उतरेंगे विराट

साल 2013 से बैंगलोर फ्रेंचाइजी की कप्तानी कर रहे कोहली इस टीम को एक भी खिताब नहीं जिता सके हैं। वहीं इन 8 सीजन में आरसीबी केवल तीन बार प्लेऑफ में पहुंची है। किसी भी कप्तान के लिए ये बेहद निराशाजनक रिकॉर्ड हैं लेकिन इसके बावजूद कोहली अपने पद पर बने हुए हैं। Also Read - IND vs AUS Highlights, T20 World Cup 2021: हार्दिक ने लगाया जीत का छक्‍का, रोहित की 60 रन की पारी से भारत की आसान जीत

ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत में जब गंभीर से पूछा गया कि अगर उनके बस में होता को क्या वो बैंगलोर फ्रेंचाइजी का कप्तान बदलते तो इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “100 प्रतिशत क्योंकि समस्या जिम्मेदारी की है। टूर्नामेंट में आठ साल हो चुके हैं, आठ साल लंबा समय है। आप मुझे किसी और कप्तान के बारे में बताएं, कप्तान छोड़िए ऐसे किसी खिलाड़ी के बारे में बताएं जिसे आठ साल मिले हों और उसने खिताब ना जीता हो और फिर वो लगातार खेलता रहा हो। इसलिए जिम्मेदारी होनी चाहिए, कप्तान को जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।” Also Read - T20 World Cup 2021, India vs Australia: विराट कोहली ने वार्मअप मैच में की गेंदबाजी, जानें दो ओवरों में कैसा रहा प्रदर्शन ?

गंभीर ने कहा, “बात केवल एक साल की नहीं है, बात केवल इसकी नहीं है। कोहली के खिलाफ मेरे मन में कुछ नहीं है लेकिन कभी ना कभी उसे हाथ उठाकर कहना होगा कि ‘हां, मैं जिम्मेदार हूं।”

उन्होंने कहा, “आठ साल बहुत बहुत लंबा समय है। देखिए आर अश्विन के साथ क्या हुआ। दो साल की कप्तानी, वो नतीजे नहीं दिला सका और उसे हटा दिया गया। हम एमएस धोनी की बात करते हैं, हम रोहित शर्मा की बात करते हैं, हम विराट कोहली की बात करते हैं… बिल्कुल नहीं। धोनी ने तीन खिताब जीते हैं, रोहित ने चार और इसी वजह से वो इतने लंबे समय से कप्तान हैं क्योंकि उन्होंने नतीजे दिलाए हैं।”

गंभीर ने आगे कहा, “मुझे यकीन है कि अगर रोहित शर्मा आठ सालों में नतीजे नहीं दिला पाते तो उन्हें भी हटा दिया जाता। अलग अलग लोगों के लिए अलग नियम नहीं होने चाहिए। समस्या और जिम्मेदारी शीर्ष से शुरू होती है, मैनेजमेंट से नहीं, सपोर्ट स्टाफ से नहीं बल्कि लीडर से। आप लीडर हो, आप कप्तान हो। जब आपको श्रेय मिलता है तो आपको आलोचना भी झेलनी होगी।”

उन्होंने कहा, “आप ये नहीं कहते रह सकते कि ‘हमने प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया और हम प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई करने के हकदार थे’, बिल्कुल नहीं। आरसीबी कभी भी प्लेऑफ में पहुंचने की हकदार नहीं थी। अगर आप पिछले 4-5 मैचों को देखें या फिर मुंबई इंडियंस के खिलाफ उस सुपर ओवर को ही देखें तो वो खुशकिस्मत थे कि नवदीप सैनी ने वो ओवर शानदार तरीके से डाला। वर्ना उनका सीजन खास नहीं था। ना बल्लेबाजी के नजरिए से, ना गेंदबाजी के नजरिए से।”

गंभीर ने आखिर में कहा, “आठ साल लंबा समय है। ऐसा नहीं कि कोहली के पास अनुभव नहीं है। वो भारत की कप्तान करता है, वो जिस टीम के लिए खेलता है उसकी कप्तानी करता है लेकिन आपको नतीजे देने की होंगे। खेल का मतलब ही नतीजों से हैं।”