दुबई/कोलंबो. श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने आचार संहिता के उल्लंघन के लिए मंगलवार को दो साल का प्रतिबंध लगा दिया. जयसूर्या ने स्वीकार किया था कि उन्होंने सबूतों से छेड़छाड़ करके भ्रष्टाचार रोधी जांच में बाधा पहुंचाई थी. उन्हें आईसीसी के भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीयू) संहिता के दो अनुच्छेदों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है. आईसीसी ने कहा, ‘‘उनकी स्वीकारोक्ति के बाद उन्होंने दो साल का प्रतिबंध भी स्वीकार कर लिया है.’’ इधर, ICC के निर्णय पर कोलंबो में पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर ने कहा कि उन पर बगैर सबूतों के ही कार्रवाई की गई है. Also Read - ICC Board Meeting : भारत में ही होगा 2021 का T20 वर्ल्ड कप, एक साल के लिए टला महिला विश्व कप

जयसूर्या श्रीलंका की 1996 विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य थे. इसके बाद वह दो बार चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे. श्रीलंकाई क्रिकेट में बड़े स्तर पर फैले भ्रष्टाचार की आईसीसी की जांच के दौरान जयसूर्या से पूछताछ की गई थी. जयसूर्या को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.4.6 और 2.4.7 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है. इसमें अनुच्छेद 2.4.6 ‘‘बिना किसी उचित कारण के एसीयू की किसी जांच में सहयोग नहीं करना या उसमें नाकाम रहने’ तथा अनुच्छेद 2.4.7 ‘‘एसीयू की किसी जांच में देरी या बाधा पहुंचाने’’ से संबंधित हैं. Also Read - ENG vs PAK सीरीज से ICC टेस्‍ट क्रिकेट में करने जा रहा है तकनीकी प्रयोग, अब नो बॉल के लिए…

इधर, सनथ जयसूर्या ने ICC के फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया और दावा किया कि आईसीसी के पास उनके खिलाफ ‘भ्रष्टाचार, सट्टेबाजी या आंतरिक सूचना के दुरुपयोग’ कोई सबूत नहीं है. जयसूर्या ने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भले ही मैंने अधिकारियों द्वारा मांगी गई सारी जानकारी आईसीसी एसीयू को उपलब्ध कराई थी, लेकिन ICC एसीयू ने मुझ पर संहिता के तहत आरोप लगाना उचित समझा हालांकि भ्रष्टाचार, सट्टेबाजी या आंतरिक सूचना के दुरुपयोग का कोई आरोप नहीं था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हमेशा देश को सबसे पहले रखा और क्रिकेट प्रेमी जनता इसका गवाह रही है. मैं श्रीलंका की जनता और अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करता हूं जो इस मुश्किल दौर में मेरे साथ खड़ी है.’’ Also Read - ICC में सौरव गांगुली के नाम को सुनने को लेकर इंतजार में है ये शख्स, T20 लीग के आयोजन पर दिया ज्यादा जोर