नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग ने महेंद्र सिंह धोनी को ‘बलिदान बैज’ को लेकर सलाह दी है. वीरेंद्र सहवाग ने कहा है कि अगर धोनी विकेट कीपिंग ग्लव्स पर बलिदान बैज नहीं लगाए पाते हैं तो वह अपने बल्ले पर बैज लगाएं. सहवाग ने कहा कि धोनी इसके लिए आईसीसी से लिखित में इजाजत मांग सकते हैं. बल्ले पर दो लोगो लगाने की परमीशन होती है. इसमें से एक बलिदान बैज लगाया जा सकता है. Also Read - सौरव गांगुली ने बताया- बीते साढ़े 4 महीने में कोरोना वायरस के कराए कितने टेस्ट

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बलिदान बैज ग्लव्स मामला: गिरिराज सिंह बोले- धोनी हैं सच्चे देशभक्त, वह दूसरों की तरह नहीं Also Read - Kapil Dev ODI-XI : धोनी करेंगे कप्‍तानी, सचिन-सहवाग पर ओपनिंग की जिम्‍मेदारी, ये बड़े नाम नदारद

सहवाग ने कहा कि धोनी देश भक्त हैं. सेना का सम्मान करते हैं. हम सब सेना का सम्मान करते हैं. देश के लोग धोनी के साथ हैं. दुआएं धोनी के साथ हैं और इन दुआओं के साथ धोनी अच्छा खेलकर आज के मैच के मैन ऑफ़ द मैच भी बन सकते हैं.

बता दें कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ हुए मैच में महेंद्र सिंह धोनी सेना के प्रतीक चिन्ह बलिदान बैज का लोगो वाले कीपिंग ग्लव्स पहनकर खेलने उतरे थे. एमएस धोनी (MS Dhoni) ने आईसीसी वर्ल्ड कप (ICC World Cup) के अपने पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह ग्लव्स पहनकर उतरे थे. आईसीसी ने इसे आपत्तिजनक माना था. आईसीसी ने कहा था कि धोनी को इस निशान वाले ग्लव्स नहीं पहनने चाहिए. इस पर भारतीय खेल जगत के साथ ही राजनैतिक लोगों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी थी.

बीसीसीआई ने आईसीसी से बलिदान बैज को लेकर परमीशन मांगी थी, लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को महेंद्र सिंह धोनी बलिदान बैज वाले ग्लव्स (Balidaan Badge) मामले में आईसीसी ने झटका दिया था. आईसीसी (ICC) ने एमएस धोनी को बलिदान बैज वाले निशान के ग्लव्स को पहनकर विकेटकीपिंग करने की अनुमति नहीं दी थी. इसका मतलब ये था कि आज होने वाले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में धोनी ग्लव्स नहीं पहन पाएंगे.

BCCI को ICC ने दिया बड़ा झटका, महेंद्र सिंह धोनी नहीं पहन पाएंगे बलिदान बैज वाले ग्लव्स

बढ़ते विवाद और बहस के बीच बीसीसीआई ने आईसीसी से मांग की थी कि धोनी को उसी ग्लव्स के साथ कीपिंग करने की अनुमति दी जाए, जो वे पहनना चाहते हैं, लेकिन आईसीसी ने बीसीसीआई की मांग को ठुकरा दिया था और कहा था कि ये नियमों के विरुद्ध है. आईसीसी के नियमों के अनुसार खिलाड़ी कोई व्यावसायिक, धार्मिक या सेना का लोगो नहीं लगा सकता है. हम सभी जानते हैं कि इस मामले में व्यावसायिक या धार्मिक जैसा कोई मामला नहीं है.’’