इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले टी20 विश्व कप को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती. इसलिए उसने एक महीने और इंतजार करना मुनासिब समझा. बताया जाता है कि ऑस्ट्रेलिया के खेलमंत्री रिचर्ड कोलबैक ने ऑस्ट्रेलिया में स्वास्थ्य हालात को लेकर सकारात्मक संकेत दिया जिसके बाद आईसीसी ने फैसला फिलहाल टाल दिया है. Also Read - नहीं होगा टी20 विश्व कप; इंग्लैंड दौरे की तैयारी में जुटी ऑस्ट्रेलिया टीम

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी मनु साहनी ने वीडियो कांफ्रेंस से हुई बोर्ड बैठक के बाद बयान में कहा, ‘हमें इस पर फैसला करने के लिए केवल एक मौका मिलेगा और यह सही होना चाहिए. हम अपने सदस्यों, प्रसारकों, साझीदारों, सरकारों और खिलाड़ियों से सलाह लेना जारी रखेंगे ताकि सुनिश्चित हो कि हम एक उचित फैसला करें.’ Also Read - ICC के तीनों फॉर्मेट जीतने वाले दुनिया के इकलौते कप्तान हैं MS Dhoni, जानिए उनसे जुड़े अनसुने रिकॉर्ड्स के बारे में

बीसीसीआई को मिला छह महीने का समय  Also Read - CWC 2011 फाइनल में फिक्सिंग के आरोपों पर ICC ने तोड़ी चुप्‍पी, कहा- इस तरह से तो...

उधर, आईसीसी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को टूर्नामेंटों की मेजबानी के लिए अनिवार्य कर छूट हासिल करने के लिए छह महीने का समय और दे दिया. आईसीसी बोर्ड की तीन घंटे तक वीडियो कांफ्रेंस पर चली बैठक में शशांक मनोहर के बाद दूसरे चेयरमैन की नामांकन प्रक्रिया पर कोई बात नहीं की गई.

आईसीसी ने हालांकि गोपनीय ई-मेल के लीक होने पर जांच जारी रखने का फैसला किया और सभी सदस्य देशों को इस जांच का पक्ष बनाया गया है.

गांगुली के लिए बैठक अच्छी रही 

बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली के लिए यह बैठक अच्छी रही क्योंकि 2016 टी20 विश्व कप से चला आ रहा कर छूट का मामला खत्म होने की ओर बढ़ता दिख रहा है.

बोर्ड के एक अनुभवी अधिकारी ने कहा, ‘छह महीने और समय मिलने का मतलब है कि बीसीसीआई और आईसीसी के बीच बातचीत सार्थक रही. कर में छूट देना सरकार का काम है. केंद्र सरकार 2021 टी20 विश्व कप के लिये रातो-रात छूट नहीं दे सकती. आईसीसी चेयरमैन को यह बखूबी पता होगा.’

आईसीसी की विवाद निपटान समिति 2016 टी20 विश्व कप में कर छूट के तौर पर 23.7 मिलियन डॉलर देने के बीसीसीआई के मामले पर पहले ही सुनवाई कर रही है.