नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड रिचर्डसन ने गुरुवार को भारतीय कप्तान विराट कोहली को खेल का बेहतरीन दूत करार दिया. रिचर्डसन ने टीम इंडिया की तारीफ में पुल बांधे और हार्दिक पंड्या की टीवी कार्यक्रम में की गई टिप्पणियों के संदर्भ में भारतीय टीम को अच्छा व्यवहार करने वाली टीम बताया. क्रिकेट विश्व कप से संबंधित प्रचार कार्यक्रम के लिए यहां आए रिचर्डसन से पंड्या की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के बारे में पूछा गया. इस वजह से पंड्या को निलंबन झेलना पड़ा था. Also Read - IND vs AUS: डेब्‍यूटेंट टी नटराजन, वाशिंगटन सुंदर की शानदार गेंदबाजी से 369 पर सिमटा ऑस्‍ट्रेलिया

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रिचर्डसन ने कहा, ‘‘यह सदस्य देश के लिए चिंता का विषय है और आमतौर पर भारतीय टीम बहुत अच्छा व्यवहार करने वाली टीम है. वे अंपायरों के फैसले का स्वीकार करते हैं और सच्ची खेल भावना से खेलते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे अच्छा खेलते हैं और विराट कोहली इस खेल का बेहतरीन दूत है. वह केवल टी-20 क्रिकेट ही नहीं बल्कि टेस्ट और 50 ओवरों की क्रिकेट को लेकर भी पूरे जुनून के साथ बात करता है तथा मेरा मानना है सभी अच्छे खिलाड़ी सभी प्रारूपों में खेलना चाहते हैं.’’ रिचर्डसन से पूछा गया कि क्या भारत पंड्या मामले से सही तरह से निबटा. उन्होंने कहा, ‘‘हां, हमें उम्मीद है कि भारत जल्द ही इसे सुलझा देगा लेकिन वैश्विक दृष्टिकोण में यह बड़ा मसला नहीं है.’’ Also Read - 4th Test: भारत की बढ़ी मुश्किलें, अब Navdeep Saini भी हुए चोटिल, Rohit Sharma ने पूरा किया ओवर

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रिचर्डसन के कथन के पीछे क्या?

क्रिकेट के प्रति दीवानगी हो या इस खेल के जरिए विज्ञापन के रास्ते आने वाले अकूत पैसे का मामला हो, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम इंडिया की बादशाहत को अब बेलाग-लपेट स्वीकारा जाने लगा है. इसलिए न सिर्फ क्रिकेट खेलने वाले देश, बल्कि इस खेल का संचालन करने वाली वैश्विक संस्था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) भी टीम इंडिया की तारीफ करते नहीं अघाती है. यही वजह है कि टीम इंडिया की अंदरूनी समस्याओं को लेकर देश में भले बवाल मचे, आईसीसी को इससे फर्क नहीं पड़ता. ताजा मामला हार्दिक पांड्या का है, जिन पर एक टीवी कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के संबंध में एक आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा.

इस विवाद के कारण हार्दिक पांड्या और उनके एक सहयोगी खिलाड़ी को क्रिकेट मैच खेलने से रोक दिया गया. उन पर कई महिला संगठनों ने भेदभाव के आरोप भी लगाए. हालांकि बाद में यह प्रतिबंध वापस ले लिया गया. वहीं, आईसीसी इस मामले को लेकर चिंतित जरूर है, लेकिन वह इसे टीम का अंदरूनी मामला करार देती है. संस्था के सीईओ टीम इंडिया को बेहतरीन सदस्य देश बताते हैं. साथ ही यह भी जोड़ते हैं कि यह वैश्विक दृष्टिकोण में बड़ा मामला नहीं है.

(इनपुट – एजेंसी)