नई दिल्ली. बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और आईसीसी के मौजूदा चेयरमैन शशांक मनोहर की गवाही के साथ विवाद निवारण समिति की तीन दिवसीय सुनवाई का अंत हुआ, जिसके समक्ष पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ मुआवजे का दावा डाला है. बोर्ड के एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. Also Read - Shoaib Malik ने PCB पर लगाया बड़ा आरोप, ताल्लुकात के आधार पर चुनी जाती है पाकिस्तानी टीम

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पता चला है कि तीन सदस्यीय समिति ने अपना आदेश सुरक्षित रखा है क्योंकि दोनों पक्षों ने सिर्फ मौखिक तर्क दिए हैं. बीसीसीआई के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘‘अब लिखित जवाब देना होगा और इसके बाद पैनल अपना आदेश लिखेगा.’’ Also Read - फिर से शुरु हुआ IPL 2021 तो जरूर हिस्सा लेंगे इंग्लिश गेंदबाज जोफ्रा आर्चर

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पीसीबी ने बीसीसीआई पर सहमति पत्र का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाते हुए भारतीय बोर्ड से 447 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है. इस एमओयू के अनुसार भारत और पाकिस्तान को 2015 से 2023 के बीच छह द्विपक्षीय श्रृंखलाएं खेलनी थी.

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अधिकारी ने कहा, ‘‘जिस तरह जिरह हुई उससे हम खुश हैं. आज मनोहर की गवाही काफी ठोस थी। वह भारत के गवाह के रूप में पेश हुए थे, आईसीसी चेयरमैन के रूप में नहीं। यहां तक कि अन्य गवाहों ने हमारे मामले को मजबूत किया.’’  पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद से मंगलवार को जिरह हुई जिन्होंने इस दौरान पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलने के भारत के इनकार को उचित ठहराया.