विश्व कप (ICC World Cup) के अब तक के मुकाबले में टीम इंडिया अजेय बनी हुई है. कप्तान विराट कोहली के लड़के बल्ले और गेंद के साथ तो कमाल दिखा ही रहे हैं, लेकिन एक अन्य मामले में भी टीम इंडिया टूर्नामेंट की बाकी की अन्य टीमों से अव्वल है. दरअसल, हम बात कर रहे हैं फिल्डिंग की. इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने अब तक कमाल की फिल्डिंग की है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टीम इंडिया ने अब तक के मुकाबलों में केवल एक बार कैच छोड़ा है जबकि हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान की टीम ने अब तक 14 कैच छोड़कर ‘कीर्तिमान’ स्थापित कर दिया है.

वैसे टीम इंडिया ने जो एक कैच छोड़ा था वो भी पाकिस्तान के खिलाफ मैच का ही है. भारत-पाक मुकाबले में केएल राहुल ने युजवेंद्र चहल की गेंद पर एक कैच छोड़ दी थी. कैच छोड़ने के मामले में पाकिस्तान के बाद दूसरे स्थान पर मेजबान इंग्लैंड के खिलाड़ी हैं. ब्रिटिश खिलाड़ियों ने अब तक 12 कैच छोड़े हैं, इसमें मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए मैच के आंकड़े शामिल नहीं हैं. इस मामले में न्यूजीलैंड नीचे से तीसरे पायदान पर है. उसने अब तक 9 कैच छोड़े हैं.

दरअसल, भारतीय टीम ने अपनी फिल्डिंग में काफी सुधार किया है. फिल्डिंग कोच आर श्रीधर ने अपने लड़कों की फिटनेस पर काफी काम किया है. खिलाड़ियों ने भी फिल्डिंग में सुधार के लिए काफी मेहनत की है. फिल्डिंग में सुधार के कारण इस समय भारतीय टीम क्रिकेट के तीनों मोर्चों- बॉलिंग, बैटिंग और फिल्डिंग में शानदार परफॉर्म कर रही है. एक वेबसाइट क्रिकइंफो से बातचीत में श्रीधर ने बताया है कि टीम इंडिया में कैच को लेकर प्वाइंट सिस्टम है.

उनके मुताबिक अगर किसी खिलाड़ी के हाथ में सीधी बॉल आती है और वह उसे लपक लेता है तो उसे स्ट्रेटफॉरवार्ड कैच करते हैं और उसके लिए उसे एक प्वाइंट मिलता है. जब किसी खिलाड़ी को कैच पकड़ने के लिए अपनी जगह से भागना पड़ता है तो वो दूसरे ग्रेड की कैच होती है और उसके लिए दो प्वाइंट्स मिलेंगे. तीसरे ग्रेड की कैच वो होगी जिसको लपके जाने की संभावना आधी-आधी होती है. अगर कोई खिलाड़ी ऐसा कैच लेता है तो उससे पूरे खेल का रुख बदल जाता है. ऐसी कैच के लिए उक्त खिलाड़ी को चार प्वाइंट्स मिलते हैं. इसी तरह पहले ग्रेट की कैच छोड़ने पर दो अंक और दूसरे ग्रेट की कैच छोड़ने पर एक प्वाइंट काट लिए जाते हैं.