मैनचेस्टर: पिछले मैच में हैट्रिक लेने वाले मोहम्मद शमी की अगुवाई में गेंदबाजों के कातिलाना प्रदर्शन से खिताब के प्रबल दावेदार भारत ने गुरुवार को यहां वेस्टइंडीज पर 125 रन की एकतरफा जीत दर्ज करके विश्व कप सेमीफाइनल की तरफ मजबूत कदम बढ़ाये. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 268 रन बनाये जिसे गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज के लिये पहाड़ जैसा बना दिया. कैरेबियाई टीम 34.2 ओवर में 143 रन पर ढेर हो गयी. भारत की यह छह मैचों में पांचवीं जीत है जिससे वह 11 अंक के साथ अंकतालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया. वेस्टइंडीज की सात मैचों में पांचवीं हार है और उसकी आगे बढ़ने की धुंधली सी उम्मीद भी समाप्त हो गयी.

 

पिच धीमी थी लेकिन भारत की तरफ से दो अर्धशतकीय साझेदारियां निभायी गयी. विराट कोहली (82 गेंदों पर 72) और केएल राहुल (64 गेंदों पर 48) ने दूसरे विकेट के लिये 69 तथा महेंद्र सिंह धोनी (61 गेंदों पर नाबाद 56) और हार्दिक पंड्या (38 गेंदों पर 46) ने छठे विकेट के लिये 70 रन जोड़े. वेस्टइंडीज की तरफ से सबसे बड़ा स्कोर सलामी बल्लेबाज सुनील अंबरीश (40 गेंदों पर 31) ने बनाया. शमी (16 रन देकर चार विकेट) ने शुरू में ही उसे झकझोरा जबकि जसप्रीत बुमराह (नौ रन देकर दो) और युजवेंद्र चहल (39 रन देकर दो) ने हमेशा की तरह शानदार गेंदबाजी की. पंड्या और कुलदीप यादव ने एक एक विकेट लिया.

भारतीय पारी पहले कोहली और बाद में धोनी और पंड्या के इर्द गिर्द घूमती रही. कोहली ने लगातार चौथी बार 50 या इससे अधिक रन बनाये और दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम मैचों में 20,000 रन पूरे करने का रिकार्ड बनाया. वह हालांकि फिर से अर्धशतक को शतक में बदलने में नाकाम रहे. उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके लगाये. वेस्टइंडीज की तरफ से केमार रोच (36 रन देकर तीन) और कप्तान जैसन होल्डर (33 रन देकर दो) ने कसी गेंदबाजी की. शेल्डन कोटरेल (50 रन देकर दो) ने दोनों विकेट अपने आखिरी ओवर में लिये. भारतीय गेंदबाज भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने शुरू में ही कैरेबियाई टीम को संकट में डाल दिया. शमी ने विस्फोटक क्रिस गेल (छह) और भरोसेमंद शाई होप (पांच) को जल्दी पवेलियन भेजकर भारत को शानदार शुरुआत दिलायी.

सुनील अंबरीश (40 गेंदों पर 41) और निकोलस पूरण (50 गेंदों पर 28) ने बेहद धीमी बल्लेबाजी की और फिर नौ रन के अंदर पवेलियन भी लौट गये. पंड्या ने अंबरीश को पगबाधा किया तो कुलदीप ने पूरण को लांग आफ पर कैच कराया. इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिये 55 रन जोड़े. चहल ने होल्डर (छह) को सुनियोजित जाल में फंसाकर कवर पर कैच देने के लिये मजबूर किया. न्यूजीलैंड के खिलाफ शतक जड़ने वाले कार्लोस ब्रेथवेट केवल एक रन बना पाये. धोनी ने बुमराह की गेंद पर उनका एक हाथ से बेहतरीन कैच लिया जिससे वेस्टइंडीज की हार सुनिश्चित हो गयी. बुमराह ने अगली गेंद पर फैबियन एलेन को पगबाधा किया. शमी ने आखिरी विशेषज्ञ बल्लेबाज शिमरोन हेटमेयर (18) के रूप में तीसरा विकेट लिया.

इससे पहले भारत ने टास जीता, पहले बल्लेबाजी की लेकिन उसने नियमित अंतराल में विकेट गंवाये. असल में बल्लेबाजी क्रम में चौथे और पांचवें नंबर की जिस कमजोरी की चर्चा टूर्नामेंट से पहले की जा रही थी, वह इस मैच में खुलकर सामने आ गयी. विजय शंकर (14) रोच की फुललेंथ गेंद खेलने के लिये सही तरह से लाइन में नहीं आये और उनके बाद जिम्मा संभालने वाले केदार जाधव (सात) ने भी इसी गेंदबाज पर फुटवर्क का इस्तेमाल नहीं करके अपना विकेट गंवाया. भारतीय टीम प्रबंधन के लिये आगे के बड़े मैचों से पहले इन दोनों का प्रदर्शन गहन मंथन का विषय होगा. भारत ने इसके अलावा 163 गेंदें खाली जाने दी जो कि चिंता का विषय है. धोनी ने आखिरी ओवर में दो छक्कों की मदद से 16 रन लेकर अपना स्ट्राइक रेट सुधारा लेकिन अब भी उनकी धीमी बल्लेबाजी भारत के लिये चिंता का विषय है. भारतीय बल्लेबाजों का स्पिनरों क सामने खुलकर नहीं खेल पाने का क्रम जारी रहा. फैबियन एलेन ने आज उन्हें परेशान किया.

रोहित शर्मा (18) के खिलाफ डीआरएस पर तीसरे अंपायर का फैसला विवादास्पद रहा था. रोहित ने छठे ओवर में रोच पर छक्का लगाया था लेकिन इसी ओवर में गुडलेंथ गेंद उनके बल्ले के करीब से निकली. स्निकोमीटर से पता चला कि जब गेंद बल्ले और पैड के बीच से निकल रही थी तब वह किसी चीज पर स्पर्श हुई थी और तीसरे अंपायर ने रोहित को आउट दे दिया जिससे बल्लेबाज भी हैरान था. कोहली ने राहुल के साथ पारी संवारने की कोशिश की. इस बीच होल्डर ने कसी हुई गेंदबाजी की और एक बेहतरीन गेंद पर राहुल को बोल्ड किया जिसके बाद भारतीय मध्यक्रम की कलई खुली. धोनी जब आठ रन पर थे तब होप ने उन्हें स्टंप आउट करने का आसान मौका गंवाया था.

कोहली जब आउट हुए तो उन्हें खुद विश्वास नहीं हुआ कि वह ऐसा शाट खेल सकते थे. वह होल्डर की शार्ट पिच गेंद को पुल करना चाहते थे. गेंद ज्यादा नहीं उठी, कोहली ने थोड़ी जल्दबाजी कर दी और मिडविकेट पर आसान कैच दे दिया. डेथ ओवरों में धोनी और पंड्या के रूप में दो जबर्दस्त हिटर क्रीज पर थे. वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने उन्हें लंबे शाट नहीं खेलने दिये लेकिन उन्होंने अच्छी तरह से स्ट्राइक रोटेट की. पंड्या ने लंबा शाट खेलने के प्रयास में ही कैच दिया. उन्होंने पांच चौके लगाये.