मैनचेस्टर: कप्तान विराट कोहली की रिकार्डों से भरी पारी और महेंद्र सिंह धोनी के नाबाद अर्धशतक से भारतीय टीम ने गुरुवार को यहां विश्व कप मैच में वेस्टइंडीज की कसी हुई गेंदबाजी के सामने सात विकेट पर 268 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया. भारत की तरफ से केवल दो अर्धशतकीय साझेदारियां निभायी गयी. कोहली (82 गेंदों पर 72) और केएल राहुल (64 गेंदों पर 48) ने दूसरे विकेट के लिये 69 तथा धोनी (61 गेंदों पर नाबाद 56) और हार्दिक पंड्या (38 गेंदों पर 46) ने छठे विकेट के लिये 70 रन जोड़े. वेस्टइंडीज की तरफ से केमार रोच (36 रन देकर तीन) और कप्तान जैसन होल्डर (33 रन देकर दो) ने कसी गेंदबाजी की. शेल्डन कोटरेल (50 रन देकर दो) ने दोनों विकेट अपने आखिरी ओवर में लिये.

कोहली ने लगातार चौथी बार 50 या इससे अधिक रन बनाये तथा अपनी पारी के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम मैचों में 20,000 रन पूरे करने का रिकार्ड बनाया. वह हालांकि चौथे मैच में अर्धशतक को शतक में बदलने में नाकाम रहे. उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके लगाये. भारत ने टास जीता, पहले बल्लेबाजी की लेकिन उसने नियमित अंतराल में विकेट गंवाये. असल में बल्लेबाजी क्रम में चौथे और पांचवें नंबर की जिस कमजोरी की चर्चा टूर्नामेंट से पहले की जा रही थी, वह इस मैच में खुलकर सामने आ गयी. विजय शंकर (14) रोच की फुललेंथ गेंद खेलने के लिये सही तरह से लाइन में नहीं आये और उनके बाद जिम्मा संभालने वाले केदार जाधव (सात) ने भी इसी गेंदबाज पर फुटवर्क का इस्तेमाल नहीं करके अपना विकेट गंवाया. भारतीय टीम प्रबंधन के लिये आगे के बड़े मैचों से पहले इन दोनों का प्रदर्शन गहन मंथन का विषय होगा.

 

जाधव को अंपायर ने आउट नहीं दिया था लेकिन वेस्टइंडीज से डीआरएस लिया और रीप्ले से साफ हो गया कि गेंद बल्ले को स्पर्श करते हुए विकेटकीपर शाई होप के पास पहुंची थी. इससे पहले हालांकि रोहित शर्मा (18) के खिलाफ डीआरएस पर तीसरे अंपायर का फैसला विवादास्पद रहा था. पहले पांच ओवरों में संभलकर खेलने के बाद रोहित ने छठे ओवर में रोच पर छक्का लगाया था लेकिन इसी ओवर में गुडलेंथ गेंद उनके बल्ले के करीब से निकली. मैदानी अंपायर ने रोहित को नाटआउट दिया लेकिन वेस्टइंडीज ने डीआरएस ले लिया. स्निकोमीटर से पता चला कि जब गेंद बल्ले और पैड के बीच से निकल रही थी तब वह किसी चीज पर स्पर्श हुई थी और तीसरे अंपायर ने रोहित को आउट दे दिया जिससे बल्लेबाज भी हैरान था.

कोहली ने राहुल के साथ पारी संवारने की कोशिश की. इस बीच होल्डर ने कसी हुई गेंदबाजी की और एक बेहतरीन गेंद पर राहुल को बोल्ड किया जिसके बाद भारतीय मध्यक्रम की कलई खुली. धोनी भी जब आठ रन पर थे तब होप ने उन्हें स्टंप आउट करने का आसान मौका गंवाया था. कोहली जब आउट हुए तो उन्हें खुद विश्वास नहीं हुआ कि वह ऐसा शाट खेल सकते थे. वह होल्डर की शार्ट पिच गेंद को पुल करना चाहते थे. गेंद ज्यादा नहीं उठी, कोहली ने थोड़ी जल्दबाजी कर दी और मिडविकेट पर आसान कैच दे दिया.

डेथ ओवरों में धोनी और पंड्या के रूप में दो जबर्दस्त हिटर क्रीज पर थे. वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने उन्हें लंबे शाट नहीं खेलने दिये लेकिन उन्होंने अच्छी तरह से स्ट्राइक रोटेट की. पंड्या ने लंबा शाट खेलने के प्रयास में ही कैच दिया. उन्होंने पांच चौके लगाये. धोनी ने आखिरी ओवर में दो छक्के लगाकर भारत का स्कोर और अपना स्ट्राइक रेट सुधारा.