चेस्टर ली स्ट्रीट: पूरे 27 साल बाद क्रिकेट विश्वकप (Icc World Cup) के समीफाइनल में पहुंची इंग्लैंड की टीम लगता है कि डर के साये में जी रही है. तभी तो उसके कोच ट्रेवर बेलिस को कहना पड़ा है कि पिछले दो बड़े टूर्नामेंटों में खिताब के करीब पहुंच कर पिछड़ने वाली इंग्लैंड की टीम को आईसीसी विश्व कप के सेमीफाइनल में खुद को साबित करना होगा. इंग्लैंड टीम 2016 में टी20 विश्व कप के फाइनल में कार्लोस ब्रेथवेट के आखिरी ओवर में शानदार बल्लेबाजी के कारण विजेता बनने से महरूम रह गई. इसके एक साल बाद चैम्पियंस ट्राफी के सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया था. अभी के प्वाइंट टेबल के हिसाब से सेमीफाइनल में इंग्लैंड को भारत के साथ खेलना पड़ेगा. वैसे लीग मैच में उसने भारत को हरा दिया था, लेकिन आंकड़ों में भारत की टीम उसपर भारी पड़ती रही है.

इंग्लैंड की 15 सदस्यीय टीम में सात खिलाड़ी ऐसे है जो उन दोनों मैचों में टीम का हिस्सा थे. टीम 1992 विश्व कप के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची है. गुरुवार को एजबेस्टन में उसका सामना भारत या गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया से होगा. टीम दो मैच पहले खिताब की दौड़ से बाहर होने के कगार पर थी लेकिन भारत और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दर्ज कर उसने सेमीफाइनल का टिकट कटाया.

बेलिस ने कहा, ‘‘ आपको खिलाड़ियों से पूछना चाहिए, उन्हें लगता है कि खुद को साबित करना होगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दोनों मैच हमारे लिए क्वार्टर फाइनल की तरह था. हमें सेमीफाइनल में भी वैसा ही प्रदर्शन करना होगा जैसा इन दोनों मैचों में था.’’

बेलिस ने कहा, ‘‘ सेमीफाइनल और फाइनल अलग स्तर का मुकाबला होगा लेकिन अगर इन खिलाड़ियों की मानसिकता सही रही तो हमारे लिए अच्छा मौका होगा.’’ श्रीलंका के पूर्व कोच ने कहा, ‘‘ मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि अगर हम ने अच्छी क्रिकेट खेली तो विरोधी टीम को बहुत अच्छा क्रिकेट खेलना होगा.’’

(इनपुट-भाषा)