वेलिंगटनः बीती रात न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेले गए वर्ल्डकप के फाइनल मुकाबले के नतीजे को लेकर हर तरफ सवाल उठ रहे हैं. क्रिकेट इतिहास के इस संभवतः सबसे रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम को हारा हुआ घोषित किया गया. वहीं इंग्लैंड की टीम को खिताब का हकदार बताकर उसे मेडल थमा दिया गया. न्यूजीलैंड में भी इस मैच के नतीजे को लेकर रोष है. वहां के एक अखबार ने सोमवार को ‘22 नायकों के साथ क्रिकेट विश्व कप का फाइनल और कोई विजेता नहीं’ शीर्षक से रिपोर्ट छापी. इस रिपोर्ट का शीर्षक पूरी कहानी बयां करता है. यहां मीडिया का मानना है कि आईसीसी के अटपटे नियम के कारण उनकी टीम ‘छली’ गई है.

रविवार को लाडर्स पर नाटकीय फाइनल में निर्धारित ओवरों और सुपर ओवर में स्कोर बराबर रहने के बाद चौकों छक्कों की संख्या के आधार पर विजेता का निर्धारण हुआ. स्टफ डॉट कॉम डॉट न्यूजीलैंड ने लिखा, ‘क्रिकेट विश्व कप फाइनल: चौकों छक्कों की गिनती ने न्यूजीलैंड को जीत से महरूम किया.’ ‘न्यूजीलैंड हेराल्ड’ ने लिखा, ‘क्रिकेट विश्व कप फाइनल: 22 नायक और कोई विजेता नहीं.’ एक अन्य कॉलम में लिखा, ‘ओवरथ्रो के लिए इंग्लैंड को छह नहीं, पांच रन मिलने चाहिये थे.’

न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन ने कहा कि विश्व कप फाइनल का फैसला सुपर ओवर के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए था. उन्होंने अपने कालम में लिखा, ‘केन विलियमसन और इयोन मोर्गन दोनों को कप दिया जाना चाहिए था. इस तरह का फाइनल कोई भी टीम नहीं हारना चाहेगी. न्यूजीलैंड के कप्तान विलियमसन के हाथ में भी कप होना चाहिए था.’ हेसन ने कहा, ‘नाकआउट चरण में फैसला सुपर ओवर पर हो सकता है लेकिन फाइनल में नहीं.’

(इनपुट भाषा)