लंदन: लॉडर्स मैदान में रविवार को खेले जा रहे आईसीसी विश्व कप-2019 का फाइनल मुकाबला न्यूजीलैंड और मेजबान इंग्लैंड के बीच टाई हो गया है. ऐसे में अब जीत का फैसला सुपर ओवर के जरिए किया जाएगा. इससे पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 241 रन बनाए थे. इसके जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम भी 241 रन पर आउट हो गई. ऐसे में फाइनल मुकाबला टाई हो गया.

 

न्यूजीलैंड और मेजबान इंग्लैंड के बीच टाई मुकाबला होने के चलते अब हार-जीत का फैसला सुपर ओवर के जरिए किया जाएगा. ऐसे में ‘सुपर ओवर’ की चर्चा से आपके मन में ये सवाल जरूर उठते होंगे कि आखिर इस ओवर के क्या नियम होते हैं और अगर ‘सुपर ओवर’ में भी मैच टाई हो जाए तो विजेता टीम का फैसला कैसे होता है, आइए जानें क्या है सुपर ओवर का पूरा खेल.

जानिए क्या होता है ‘सुपर ओवर’ का पूरा खेल
1. सुपर ओवर को ‘वन ओवर एलिमिनेटर’ या एलिमिनिटेर कहा जाता है. इसका प्रयोग सीमित ओवरों के क्रिकेट में कोई मैच टाई होने की स्थिति में विजेता का फैसला करने के लिए किया जाता है.
2. सुपर ओवर में प्रत्येक टीम को खेलने के लिए 6 गेंदें (एक ओवर) और दो विकेट मिलते हैं.
3. सुपर ओवर में होने वाले मैचों को आधिकारिक रिकॉर्ड में ‘टाई’ के तौर पर ही दर्ज किया जाता है. हालांकि सुपर ओवर में जीतने वाली टीम को उस टूर्नामेंट के किसी नियमित मैच के विजेता की तरह ही विजेता माना जाता है.
4. सुपर ओवर में बने रन और विकेटों को आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं गिना जाता है.
5. टी20 क्रिकेट में सबसे पहले सुवर ओवर का प्रयोग 26 दिसंबर 2008 को वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के बीच मैच में प्रयोग किया था. जिसमें वेस्टइंडीज की टीम ने 6 गेंदों में 25/1 का स्कोर बनाया था, जिसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 15/1 का स्कोर ही बना पाई थी. हालांकि आधिकारिक रिकॉर्ड में इस मैच को टाई के तौर पर ही दर्ज किया गया था. इससे पहले टाई मैचों के फैसले के लिए ‘बोल-आउट’ का सहारा लिया जाता था.
6. सुपर ओवर के टाई होने की स्थिति में मुख्य मैच में ज्यादा छक्के लगाने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है. 2014 के आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता के बीच खेला गया मैच टाई होने के बाद हुआ सुपर ओवर भी टाई हो गया था, जिसके बाद राजस्थान रॉयल्स को विजेता घोषित किया गया, जिसने मैच में ज्यादा छक्के लगाए थे.
7. इंटरनेशल मैचों में सुपर ओवर का प्रयोग सिर्फ नॉक आउट चरण के मैचों के फैसलों के लिए किया जाता है. वर्ष 2011 के 50 ओवरों के विश्व कप के नॉक आउट चरण के मैचों के लिए भी सुपर ओवर का प्रावधान था लेकिन उस वर्ल्ड कप में कोई मैच टाई ही नहीं हुआ. वर्ल्ड कप 2015 में भी सुवर ओवर का प्रावधान था लेकिन सिर्फ फाइनल के लिए.

1 अक्टूबर 2012 से आईसीसी ने सुवर ओवर के लिए निम्न नियम जारी किए हैं.
1. मुख्य मैच के 10 मिनट के अंदर सुपर ओवर शुरू होगा. दोनों टीमें एक-एक ओवर खेंलेगी.
2.मुख्य मैच में दूसरे नंबर पर बैटिंग करने वाली टीम सुपर ओवर में पहले बैटिंग करेगी.
3.बैटिंग टीम का गेंदबाज एक ही सुपर ओवर में बैटिंग और गेंदबाजी दोनों नहीं कर सकता.
4.प्रत्येक टीम की तरफ से तीन बल्लेबाज नॉमिनेट किए जाएंगे, जिसका मतलब है कि दो विकेट गिरने पर सुपर ओवर खत्म हो जाएगा.

सुपर ओवर में भी मैच टाई होने पर उसका फैसला निम्मलिखित आधार पर होता हैः
1. अगर मुख्य मैच में डकवर्थ लुइस नियम का प्रयोग किया गया है तो नियम 4 तुरंत लागू होता है.
2.मुख्य मैच और सुपर ओवर में मिलाकर जिस टीम ने ज्यादा बाउंड्री लगाई हो, वही विजेता होगी.
3.मुख्य मैच में सबसे ज्यादा बाउंड्री लगाने वाली (सुपर ओवर की बाउंड्री शामिल) टीम विजेता होगी.
4.सुपर ओवर की आखिरी गेंद से गिनती शुरू होगी और जिस टीम नें वैध गेंदों पर ज्यादा रन बनाए हों वही विजेता होगी.