मैनचेस्टरः विश्वकप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों मिली हार को लेकर टीम इंडिया की रणनीति की आलोचना तो हो ही रही है, लेकिन इस पूरे मैच को लेकर एक खिलाड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में है. वो हैं पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी. मैच में एक समय टीम इंडिया को वापस लाने वाले महेंद्र सिंह धोनी को लेकर विरोधी टीम भी परेशान थी. वह क्रीज पर धोनी की मौजूदगी से भयभीत थी. उसे लग रहा था कि अगर यह खिलाड़ी टिक जाए तो अंतिम ओवर में भी मैच का रुख बदल सकता है. इस बात को स्वीकार करते हुए न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने कहा कि बुधवार को विश्व कप सेमीफाइनल में मार्टिन गुप्टिल का महेंद्र सिंह धोनी को रन आउट करना टर्निंग प्वाइंट रहा. धोनी ने 72 गेंद में 50 रन की पारी खेली और विलियमसन ने कहा कि जब वह क्रीज पर थे तो उन्हें पता था कि अंतिम ओवरों में मैच किसी भी टीम के पक्ष में जा सकता है. विलियमसन ने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड की 18 रन की जीत के बाद कहा, ‘‘हम सभी को पता है कि मैच कई तरह से करीबी था. लेकिन वह रन आउट महत्वपूर्ण था. हमने कई बार देखा है कि धोनी ने उस स्थिति से मैच को फिनिश किया है.’’

न्यूजीलैंड के कप्तान ने कहा, ‘‘यह मुश्किल पिच थी इसलिए कुछ तय नहीं कहा जा सकता था लेकिन स्वाभाविक है कि किसी भी तरह से धोनी को आउट करना बेहद महत्वपूर्ण है लेकिन जडेजा की तरह सीधे हिट पर आउट करना मुझे लगता है कि खेल का बड़ा लम्हा रहा.’’ विलियमसन के अनुसार डीप से सिर्फ मार्टिन गुप्टिल ही इस तरह का रन आउट करने में सक्षम थे. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कहने का मतलब है कि संभवत: मैदान पर वही (गुप्टिल) था जो इस तरह का रन आउट कर सकता था.’’

विलियमसन ने कहा, ‘‘इसलिए योगदान कई तरह से दिया जा सकता है और हम क्षेत्ररक्षण सूची में देख सकते हैं कि वह काफी ऊपर मौजूद है और उसका मैच का महत्वपूर्ण टर्निंग प्वाइंट तैयार करना विशेष था.’’ विलियमसन ने रविंद्र जडेजा की भी तारीफ की जिन्होंने मुश्किल पिच पर उम्दा पारी खेली.