भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का आगाज गुरुवार को सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ किया. भारत ने इस दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला में अपने युवा और नए खिलाड़ियों को मौका दिया है. टीम में मयंक अग्रवाल, ऋषभ पंत और कुलदीप यादव जैसे युवा खिलाड़ी एक तरफ टीम को नए तरीके से जोश और संयम प्रदान कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पहले टेस्ट मैच में रोहित शर्मा और आश्विन की कमी भी टीम पर गहरा प्रभाव डाल रही है. पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में भारत संघर्ष करते हुए 297 रन बना सका, मगर तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद भारत 260 रनों की बढ़त हासिल कर चुका था. कैरेबियन-जमीन पर ये भारत की 12वीं टेस्ट सीरीज है. भारतीय क्रिकेट टीम वेस्टइंडीज में खेले गए पिछले तीन टेस्ट सीरीज (2006, 2011, 2016) में विजयी रही है. टीम इंडिया इस सीरीज को जीतकर विंडीज में जीत का चौका लगाने का रिकॉर्ड बना सकती है.

अब नजर डालते हैं वेस्ट इंडीज में हुए भारत बनाम विंडीज टेस्ट मैचों के आंकड़े पर

भारत ने टेस्ट मैचों में विंडीज के खिलाफ हमेशा प्रभावित किया है. ‘द वॉल’ की उपाधि से नवाजे गए राहुल द्रविड़ ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 17 मैचों में 65.69 की औसत से 1511 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और 11 अर्द्धशतक शामिल हैं. सुनील गावस्कर ने अपने करियर में विंडीज के खिलाफ विंडीज के मैदान में 13 मैच खेले हैं, जिसमे सात शतकों और चार अर्धशतकों की मदद से उन्होंने 1404 रन बनाए हैं. हालांकि, विंडीज बैट्समैन शिवनारायण चंद्रपॉल ने इन दोनों भारतीय बल्लेबाजों को पीछे छोड़ 17 मैचों में पांच शतक और नौ अर्धशतक की मदद से 1547 रन बनाकर इस सूचि में शीर्ष पर कायम है.

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वेस्ट इंडीज बल्लेबाज सर गैरी सोबर्स, भारत बनाम वेस्टइंडीज टेस्ट में 1000 से अधिक रन बनाने वाले एकमात्र विंडीज खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 10 मैचों में 72.92 की औसत से 1021 रन बनाएं है. द्रविड़ और गावस्कर के अलावा वीवीएस लक्ष्मण और पॉली उमरीगर ने भी भारत बनाम वेस्टइंडीज टेस्ट में 1000 से अधिक रन बनाए हैं. सक्रिय खिलाड़ियों में विराट कोहली ने वेस्ट इंडीज के मैदान में वेस्ट इंडीज के खिलाफ सात टेस्ट मैचों में 36.33 की औसत से 327 रन बनाकर पहले पहले पायदान पर हैं.

सबसे ज्यादा विकेट

भारतीय क्रिकेट के “जम्बो” कहे जाने वाले खिलाड़ी अनिल कुंबले ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ वेस्ट इंडीज के मैदान में 11 मैच खेल कर 31/28 के औसत से 45 विकेट अपने नाम किया है. कुंबले ने एक पारी में 78 रन देकर 6 विकेट लिए थे और ये उनका सर्वश्रेष्ठ आंकड़ों में से एक है. हरभजन सिंह ने 25.86 की औसत से 36 विकेट अपने नाम किए हैं. इस सूची में सबसे ऊपर पूर्व भारतीय गेंदबाज सुभाष गुप्ता का नाम आता है, जिन्होंने साल 1953 के दौरे में 7/162 दिए थे.
वेस्टइंडीज के लिए मैल्कम मार्शल ने आठ मैचों में 10.62 के औसत से 40 विकेट लेकर शीर्ष स्थान पर है. वेस्टइंडीज में भारत बनाम वेस्टइंडीज टेस्ट में सर्वश्रेष्ठ आंकड़े ऑफ स्पिनर जैक नोरिगा के हैं, जिन्होंने 1971 में पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले गए टेस्ट मैच में 9/95 का रिकॉर्ड बनाया था.

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सबसे ज्यादा कैच

भारतीय पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ और विंडीज के सबसे भरोसेमंद खिलाडी सर विवियन रिचर्ड्स ने वेस्ट इंडीज में भारत बनाम वेस्ट इंडीज टेस्ट मैचों में 21 कैच पकड़ कर सबसे सफल फील्डर की सूची में आते हैं. 21 कैचों में द्रविड़ ने 17 मैच लगाएं वहीं रिचर्ड्स ने ये आंकड़ा 13 मैचों में ही छू लिया था. इन दोनों के अलावा ब्रायन लारा ने 19 मैचों में 14 कैच लपके हैं, जबकि सोबर्स और फ्रैंक वॉरेल ने 10 मैचों में 15 कैच पकड़ें हैं. भारत के एकनाथ सोलकर ने सिर्फ छह मैचों में 12 कैच पकड़ कर सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक की सूची में अपना नाम पेश कर दिया है.

सफल विकेटकीपर

सफल विकेटकीपर की सूची में सबसे ऊपर जेफ डुजॉन का नाम आता है, जिन्होंने केवल नौ मैचों में 33 बार बैट्समैन को आउट किया है. इनमे 32 कैच और एक स्टंपिंग शामिल है. वहीं भारत के सबसे सफल विकेटकीपर एम एस धोनी के दस्तानों में 25 कैच आए हैं और इनके हाथों सात स्टंपिंग हुई है.