टीम इंडिया का अगला मिशन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज है, जिसके लिए भारतीय टीम का चयन हो गया है. लेकिन इस बार टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) को इस टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है. हार्दिक पांड्या फिलहाल बैटिंग और फील्डिंग के लिए तो तैयार हैं लेकिन वह बॉलिंग के लिए अभी पर्याप्त रूप से फिट नहीं हैं. ऐसे में भारतीय चयनकर्ताओं ने यह तय किया कि उन्हें भारतीय टीम से बाहर ही रखा जाए. पूर्व सिलेक्टर सरनदीप सिंह ने भी मौजूदा चयन समिति के इस फैसले का समर्थन किया है. Also Read - WTC Final: बारिश के बाद क्या प्लेइंग XI में बदलाव करेगी टीम इंडिया! कोच ने कही यह बात

इस पूर्व चयनकर्ता ने कहा कि अगर यह हरफनमौला खिलाड़ी गेंदबाजी में योगदान नहीं देता है तो फिर वह छोटे प्रारूपों के टीम में भी जगह का हकदार नहीं हैं. हालांकि हार्दिक फिलहाल छोटे फॉर्मेट में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज खेले थे. Also Read - ईयान चैपल ने माना भारत के गेंदबाजों का लोहा, शेन वार्न बोले- विराट के पास हैं ज्‍यादा मैच विनर

हार्दिक की 2019 में पीठ की सर्जरी हुई थी. इसके बाद से वह नियमित रूप से गेंदबाजी नहीं कर रहे हैं और टीम को उनके हरफनमौला कौशल का फायदा नहीं मिल रहा है. इसी वजह से उन्हें इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है. Also Read - IND vs NZ WTC History: न्‍यूट्रल वेन्‍यू पर ICC के टूर्नामेंट में शर्मनाक रहा है भारत का प्रदर्शन, क्‍या इस बार नसीब होगी जीत ?

भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर सरनदीप ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘हार्दिक को टेस्ट के लिए नजरअंदाज करने का चयनकर्ताओं का फैसला समझ में आता है. वह अपनी सर्जरी के बाद नियमित रूप से गेंदबाजी नहीं कर पाए हैं. मुझे लगता है कि उन्हें छोटे प्रारूपों में भी अंतिम एकादश का हिस्सा बनने के लिए वनडे में 10 और टी20 में चार ओवर करने होंगे. वह सिर्फ बल्लेबाज के रूप में नहीं खेल सकते.’

उन्होंने कहा, ‘अगर हार्दिक गेंदबाजी नहीं करते हैं, तो यह टीम के संतुलन पर काफी असर डालता है. आपको उनकी वजह से एक अतिरिक्त गेंदबाज को टीम में रखना होगा, जिससे सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी को बाहर करना होगा. हम इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में इसका असर देख चुके हैं. हम गेंदबाजी में सिर्फ 5 विकल्पों के साथ नहीं उतर सकते.’

उन्होंने कहा, ‘अब टीम के पास अब वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, जड्डू (रविन्द्र जडेजा) के रूप में अन्य ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं, शार्दुल ठाकुर भी एक ऑलराउंडर बन सकते हैं. उन्होंने यह दिखाया है. अगर हार्दिक गेंदबाजी नहीं कर सकते तो ये सभी इस काम को कर सकते हैं.