विशाखापत्‍तनम टेस्‍ट के दौरान भारतीय टीम के सलामी बल्‍लेबाज मयंक अग्रवाल  215(371) ने दोहरा शतक जड़ा. वीरेंद्र सहवाग के बाद करीब 10 साल बाद किसी भारतीय ओपनर ने टेस्‍ट क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ा है. मयंक करियर के पहले ही शतक को दोहरे शतक में बदलने से काफी खुश हैं.

पढ़ें:- टेस्‍ट टीम से छुट्टी के बाद इस भारतीय दिग्‍गज की शरण में पहुंचे रिषभ पंत

हरभजन सिंह, वीवीएस लक्ष्‍मण, जतिन सप्रू से बातचीत के दौरान मयंक ने कहा, “अगर मैं और रोहित इसी तरह से टीम के लिए ओपन करते रहे और भारत 450-500 रन तक बनाता जाए तो विरोधी टीम के लिए इसका तोड़ ढूंढ पाना मुश्किल हो जाएगा. जिस तरह से रोहित स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ खेल रहे थे, दूसरे छोर पर यह देखना काफी अच्‍छा लग रहा था.”

पढ़ें:- रोहित ने की राहुल द्रविड़ के 29 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी

मयंक के करियर का यह पांचवां अंतरराष्‍ट्रीय टेस्‍ट है. उन्‍होंने कहा,”टीम में जगह तभी मिलती है जब वहां कोई जगह हो. भारत में काफी प्रतिभावान खिलाड़ी हैं. बहुत बार ऐसा होता है आप अच्‍छा खेल रहे और आगे नहीं बड़ रहे हो. ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि आप खुद के लिए एक रूटीन बनाएं और छोटे छोटे कामों को पूरा करें. सभी बॉक्‍स पर राइट टिक लगाने (छोटे-छोटे काम पूरा करने) से आप आगे बढ़ने लगते हो. अच्‍छा प्रदर्शन करने के बाद आपको चांस मिलने का इंतजार करना होता है.”

मयंक ने कहा, “भारतीय टीम में मौका मिल पाने के बावजूद में बड़ी पारी नहीं खेल पा रहा था. मैंने 2-3 अच्‍छी पारी खेली, लेकिन बड़ा स्‍कोर नहीं बना पा रहा था.”