बीसीसीआई के ऑस्ट्रेलियाई दौरे से सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को बाहर रखने के लिए फैसले पर कई सवाल उठे हैं। फैंस और क्रिकेट समीक्षकों समेत कई पूर्व खिलाड़ियों ने इस पर नाराजगी जताई है। जिनमें पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दीप दासगुप्ता भी शामिल हैं। Also Read - NZ vs WI: बारिश के कारण तीसरा T20i रद्द, सीरीज कीवियों के नाम

दासगुप्ता ने माना कि बाएं हैमस्ट्रिंग की इंजरी रोहित के इस दौरे से बाहर रहने की प्रमुख कारण हो सकती है लेकिन अगर वो समय पर फिट हो जाते हैं तो उन्हें ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर चुना जाना चाहिए। Also Read - खराब फॉर्म से गुजर रहे बुमराह के समर्थन में उतरे राहुल ने कहा- हम उसकी काबिलियत जानते हैं

स्पोर्ट्स तक से बातचीत में उन्होंने कहा, “रोहित ने कुछ समय से कोई मैच नहीं खेला है लेकिन मेरा मानना है कि अगर वो मुंबई इंडियंस के लिए खेलने के लिए फिट होगा तो वो राष्ट्रीय टीम का हिस्सा भी बनेगा। लेकिन जो मुझे पता है वो ये कि उसकी स्थिति अब भी 50-50 है, हालांकि उसने नेट में अभ्यास करना शुरू कर दिया है।” Also Read - '350 से बड़ा लक्ष्‍य भेदने के लिए Rohit Sharma बेहद जरूरी, टीम में बदलाव से Mayank Agarwal के साथ होगा अन्‍याय'

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, “मुझे लगता है कि बात केवल समय की है। जैसे कि वो फिट होगा और एक-दो मैच खेलेगा, वो तैयार होगा। ये हैमस्ट्रिंग की समस्या है और आप ऐसे किसी को शामिल नहीं करना चाहेंगे जो 100 प्रतिशत फिट ना हो।”

इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन के कमेंट्री पैनल का हिस्सा दासगुप्ता ने साफ कहा कि अगर रोहित फिट हैं तो उन्हें तीनों फॉर्मेट के स्क्वाड में शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “अगर रोहित फिट है तो उसे वहां (ऑस्ट्रेलिया) होना चाहिए। इस बात में कोई शक नहीं है। शायद मयंक की चोट उतनी गंभीर नहीं है इसलिए उसका नाम स्क्वाड में शामिल है लेकिन रोहित शर्मा का शामिल होना जरूरी है।”

रोहित की गैरमौजूदगी में केएल राहुल को सीमित ओवर फॉर्मेट टीम का उप-कप्तान बनाया गया। ऐसे में अगर रोहित वापस स्क्वाड से जुड़ते हैं तो स्थिति क्या होगी, इस बारे में दासगुप्ता का कहना है कि बीसीसीआई रोहित की फिटनेस को लेकर फाइनल रिपोर्ट आने तक उप-कप्तान ने नाम की घोषणा को रोक सकती है।

उन्होंने कहा, “मेरे ख्याल से उप-कप्तान की घोषणा को रोका जा सकता था। वो रोहित की चोट पर पूरी जानकारी मिलने तक का इंतजार कर सकते थे और फिर घोषणा करते।”