भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें इन दिनों बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) खेल रही हैं. दोनों टीमें 2 टेस्ट मैच के बाद 1-1 की बराबरी पर हैं. टीम इंडिया के खेल से ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच जस्टिन लैंगर (Justin Langer) भी प्रभावित हैं. खासतौर से टीम इंडिया के फास्ट बॉलिंग डिपार्टमेंट से. अभी तक खेले गए 2 टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलियाई टीम के बल्लेबाज अपनी कोई खास छाप नहीं छोड़ पाए हैं. लैंगर इसके लिए भारतीय गेंदबाजों के अनुशासन को बड़ा कारण मान रहे हैं. हालांकि उन्हें उम्मीद है टीम अपनी बल्लेबाजी की कमजोरी को दूर करने में कामयाब होगी.Also Read - IND vs AUS- भारत में जाकर ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज जिताना चाहता हूं: Nathan Lyon

लैंगर सिडनी टेस्ट से पहले वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात कर रहे थे. उनसे यहां ऑस्ट्रेलिया के कम स्कोर पर आउट होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने टीम इंडिया की सटीक लाइन लेंथ और घातक बॉलिंग को इसका प्रमुख कारण बताया. उन्होंने कहा, ‘हम अभी तक जिन विकेटों पर खेले उनमें सीम मूवमेंट था और बॉल को स्विंग भी मिल रही थी. भारतीय गेंदबाजों ने उनके बल्लेबाजों के लिए सीधी लाइन पर गेंद की और अपनी बॉलिंग के मुताबिक ही फील्डिंग सजाई. Also Read - मैथ्यू वेड ने हसन अली के कैच को सेमीफाइनल मैच का टर्निंग पॉइंट' मानने से किया इनकार

इस पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज ने भारतीय खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा, ‘पिछली 2 सीरीज में उनका सबसे मजबूत पक्ष उनका अनुशासन रहा. वे (टीम इंडिया) अनुशासित रहे हैं और मुझे बीते दो टेस्ट में मजा आया क्योंकि इनमें बॉल और बैट के बीत प्रतिस्पर्धा देखने को मिली. हमें आगे अधिक मेहनत करनी होगी और इसे ही टेस्ट क्रिकेट कहते हैं.’ Also Read - खिलाड़ियों के साथ विवाद की खबरों के बीच जो बर्न्‍स ने किया ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर का समर्थन

उन्होंने टीम इंडिया के सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) की भी तारीफ करते हुए कहा कि उनके खिलाफ बैटिंग करना आसान नहीं है. इस ऑस्ट्रेलियाई कोच ने कहा, ‘आप रवि अश्विन को नजरअंदाज नहीं कर सकते. कितने गेंदबाजों ने 380 टेस्ट विकेट लिए हैं. महान गेंदबाज वह होते है, जिनके खिलाफ रन बनाना मुश्किल होता है और जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) अभी ऐसा गेंदबाज हैं, अश्विन इस तरह का गेंदबाज हैं और हमें यह पूरी तरह मालूम है.

उन्होंने कहा कि हमें बखूबी मालूम है कि हम किस प्रकार की बैटिंग करना पसंद करते हैं. लेकिन इसका श्रेय पूरी तरह से टीम इंडिया को जाता है. उन्होंने सुनियोजित खेल दिखाया. पूरे अनुशासन के साथ बॉलिंग की, जिन विकेटों पर हम खेले वे प्रतिस्पर्धी रहे. इसलिए हम अपने स्कोरिंग रेट को लेकर चिंतित नहीं हैं.

इनपुट: भाषा