भारत और ऑस्‍ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच महामुकाबला शुरू होने में अब दो सप्‍ताह से भी कम वक्‍त बचा है. भारतीय टीम क्‍वारंटाइन में रहते हुए सिडनी में प्रैक्टिस शुरू कर चुकी है. इससे पहले हाल ही में दो दोहरे शतक लगाने वाल कंगारू टीम में शामिल किए गए अनकैप्‍ड खिलाड़ी विल पुकोवस्की (Will Pucovski) की खूब तारीफ हो रही है. ऑस्‍ट्रेलिया के स्‍टार बल्‍लेबाज रहे मार्क टेलर (Mark Taylor) ने पुकोवस्की के मानसिक स्वास्थ्य से निपटने के तरीके को सराहा.Also Read - Sunil Gavaskar ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत की जीत को बताया 'क्रिकेट इतिहास का सुनहरा अध्याय'

2018 में ही मिल सकता था मौका Also Read - Birthday Special: …जब राहुल द्रविड़ ने कंगारुओं की धरती पर जबड़े से छीनी जीत, पोंटिंग का दोहरा शतक गया था बेकार

दाएं हाथ के इस बल्लेबाज कोवस्की को 17 सदस्यीय ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में जगह मिली है. वह टीम में शामिल किए गए पांच अनकैप्ड खिलाड़ियों में हैं. उन्होंने शेफील्ड शील्ड में लगातार दो दोहरे शतक जमा कर अंतिम-11 में अपना दावा मजबूत किया है. पुकोवस्की 2018 में ही टेस्ट टीम में जगह बनाने के काफी करीब थे, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण उन्होंने खेल से ब्रेक ले लिया था. Also Read - World Test Team Of The Year 2021: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने चुनी इस साल की वर्ल्ड टेस्ट XI, भारत के 4 खिलाड़ी शामिल

सिडनी मॉर्निग हेराल्ड ने टेलर के हवाले से कहा, वह इसे लेकर खुले हैं और ईमानदार भी रहे हैं, जोकि हमेशा आसान नहीं होता है. मेरा मतलब उन पक्षों को लेकर जो मैंने खेल में देखे हैं और वो कमजोरी के संकेत के रूप में देखे गए हैं. अब यह वास्तव में ताकत के संकेत के रूप में देखा जाता है. मैं खेल के मानसिक पक्ष को नहीं संभाल रहा हूं, जैसा कि मैं चाहता हूं. मुझे इसकी चिंता हो रही है. मुझे खेल में आनंद नहीं आ रहा है.

अन्‍य क्रिकेटस के लिए ये है उदाहरण

टेलर ने साथ ही कि पुकोवस्कर का खुलापन अन्य युवा क्रिकेटरों के लिए एक उदाहरण है. “मुझे लगता है कि इन मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों के साथ उनके खुलेपन और पारदर्शिता ने उनकी मदद की है, जोकि युवा क्रिकेटरों के लिए एक उदाहरण है.”

टेलर ने कहा, मैं जो बर्न्‍स की जगह पुकोवस्की को टीम में रखना पसंद करूंगा. टेस्ट क्रिकेट में बर्न्‍स का औसत 38 का है. वह आस्ट्रेलिया के अच्छे खिलाड़ी है, लेकिन बेहतरीन नहीं. पुकोवस्की खुद भी कह चुके हैं कि वह तैयार है. उन्होंने दो दोहरे शतक लगाए हैं. जब वह लय में हैं तभी उनका चयन भी होना चाहिए. उनके पास अगले दशक का शानदार खिलाड़ी बनने की क्षमता है.