इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) टीम इंडिया की क्षमताओं पर सवाल उठाने से बाज नहीं आ रहे हैं. बड़बोले वॉन को टीम इंडिया ने पहले ही कई मौकों पर गलत साबित किया है लेकिन वह हर बार एक नए कटाक्ष के साथ अपनी फिजूल की टिप्पणियां करने से बाज नहीं आते. ताजा मामला ब्रिसबेन टेस्ट (India vs Australia Brisbane Test) को लेकर है, जहां टीम इंडिया सख्त क्वॉरंटीन नियमों की वजह से वहां का दौरा करना नहीं चाहती है. टीम इंडिया की इस चिंता को वॉन किसी और ही एंगल से देख रहे हैं.Also Read - ECB डॉयरेक्टर एश्ले जाइल्स ने कहा- नस्लवाद के दोषियों को दूसरा मौका दिया जाए

गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में ये खबरें खूब छाई रहीं कि बीसीसीआई (BCCI) ने अपनी समकक्ष ऑस्ट्रेलिया को लिखा है, ‘अगर टीम इंडिया को ब्रिसबेन पहुंचकर यहां एक और सख्त क्वॉरंटीन नियमों का पालन करना होगा, तो वह चौथे टेस्ट मैच के लिए यहां का दौरा करना नहीं चाहती है.’ Also Read - पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने अजीम रफीक को आहत करने पर माफी मांगी लेकिन नस्लवादी टिप्पणी की बात से इनकार किया

इस बीच माइकल बॉन (Michael Vaughan Took Dig at Team India) ने इन खबरों को एक नया ही रंग दे दिया है. उन्होंने इस संबंध में ‘फॉक्स क्रिकेट’ की एक खबर पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘उन्हें कोविड रोक की चिंता है या फिर ब्रिसबेन की पिच की?’ Also Read - नस्लवाद के आरोपों के बाद बीबीसी से बर्खास्त किए जाने से 'निराश' हैं माइकल वॉन

बता दें ब्रिसबेन में गाबा मैदान की इस पिच को अपनी तेज उछाल और सीम बॉलिंग के लिए जाना जाता है. टीम इंडिया का इस मैदान पर रिकॉर्ड भी कुछ खास नहीं है. उसने अब तक यहां 6 टेस्ट मैच खेले हैं और उसे 5 में हार मिली है, जबकि 1 मैच में ड्रॉ खेला है. भारत ने यहां अपना आखिरी मैच 2014 में खेला था. इसी के चलते वॉन ने यह बेतुका बयान दिया है.

इससे पहले इंग्लैंड के इस पूर्व कप्तान ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border-Gavaskar Trophy) में पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया की हार के बाद भविष्यवाणी की थी कि भारत यहां 0-4 से सीरीज हारकर लौटेगा. टीम इंडिया ने सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच जीतकर वॉन की इस भविष्यवाणी को गलत साबित कर दिया था. इसके बावजूद वॉन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं.

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में बीसीसीआई के एक अधिकारी के हवाले से यह खबरें चल रही हैं कि उन्होंने टीम इंडिया की इस चिंता जताते हुए कहा है, ‘अगर आप गौर करें, तो हम सिडनी पहुंचने से पहले 14 दिन तक दुबई में क्वॉरंटीन में थे और सिडनी पहुंचकर फिर अगले 14 दिन भी यही किया. इसका मतलब है कि हम करीब एक महीने तक इस सख्त बबल में ही रहे. अब हम इस दौरे के बिल्कुल अंत में एक बार फिर खुद को क्वॉरंटीन में रखना नहीं चाहते हैं.’

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में ब्रिसबेन टेस्ट को लेकर ऐसी खबरें चली हों. इससे पहले पिछले सप्ताह भी ऐसी ही एक रिपोर्ट क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने इसे बकवास करार देते हुए खारिज किया था. सीए के अंतरिम चीफ निक हॉक्ले ने कहा था कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड को बीसीसीआई की ओर से ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है.