ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पॉन्टिंग (Ricky Ponting) ब्रिसबेन टेस्ट में भारत की जीत और ऑस्ट्रेलिया की हार से बेहद आहत हैं. उन्होंने इस हार पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह हार तो साल 2018 की सीरीज में मिली हार भी ज्यादा बुरी है. इस हार का दर्द गहरा है और यह भुलाए नहीं भूला जाएगा.Also Read - पूर्व कप्तान स्टीव वॉ, रिकी पॉन्टिंग ने कहा- कोच जस्टिन लैंगर का कॉन्ट्रेक्ट बढ़ाए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया

गाबा टेस्ट के 5वें दिन के खेल से पहले इस पूर्व कप्तान को यह मैच ड्रॉ होता दिख रहा था. तब उन्होंने कहा था कि अगर ऑस्ट्रेलिया यहां ड्रॉ खेलता है तो भी यह 2018 की हार से बुरा होगा. लेकिन मैच का परिणाम उनकी उम्मीद से और भी ज्यादा उलट आया. पॉन्टिंग ने इस स्टेटमेंट को याद करते हुए कहा, ‘मैंने चौथे दिन के खेल के दौरान कॉमेंट्री करते हुए यह कहा था कि अगर भारत यहां ड्रॉ भी खेलता है तो ऑस्ट्रेलिया के लिए यह साल 2018 से बुरा रिजल्ट होगा. लेकिन तब भारत के बारे में बहुत ज्यादा नहीं बोल सकते थे.’ Also Read - Virat Kohli विश्व के तीसरे सफल कप्तान, Ricky Ponting को पछाड़ने से रह गए चंद कदम दूर

46 वर्षीय पॉन्टिंग ने कहा, ‘हम सभी बैठकर यही चर्चा कर रहे थे कि भारत तब जीता, जब हम स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर के न होने के चलते कमजोर थे. लेकिन अब देखिए क्या हुआ. डेविड वॉर्नर और (स्टीव) स्मिथ यहां थे (इस बार), हमारी पूरी बॉलिंग ब्रिगेड यहां थी, और भारत के साथ यह सबकुछ बिल्कुल उलटा था. यह (हार) बहुत दुख देगा. यह बहुत गहरा दर्द देगी.’ Also Read - पांचवें एशेज टेस्ट में शून्य पर रन आउट हुए रोरी बर्न्स को रिकी पॉन्टिंग ने लगाई फटकार

पॉन्टिंग ने क्रिकेट.कॉम.एयू से कहा, ‘मैं हैरान हूं कि ऑस्ट्रेलिया यह सीरीज नहीं जीत पाया. यह तो भारत की A टीम थी और फिर भी उसने मैच जीत लिया. भारतीय टीम पिछले 5 या 6 सप्ताह में जिन हालात से गुजरी है. उनके कप्तान स्वदेश लौट गए और खिलाड़ियों की चोटों के बीच वे पूरी मजबूत टीम नहीं उतार सके. ऑस्ट्रेलिया ने तो पूरी मजबूत टीम के साथ खेला था, बस शुरुआत में डेविड वॉर्नर नहीं खेल पाए थे.’

उन्होंने कहा, ‘यह भारत की दूसरी चुनी हुई टीम भी नहीं थी क्योंकि इसमें भुवनेश्वर कुमार या इशांत शर्मा भी नहीं थे. रोहित शर्मा भी आखिरी दो टेस्ट खेले. इस सबके बावजूद उन्होंने शानदार क्रिकेट खेला. टेस्ट मैच के सभी निर्णायक मौकों को भुनाया, जो ऑस्ट्रेलिया नहीं कर सका. दोनों टीमों में यही फर्क था. आखिरकार भारत जीत का हकदार था.’

बता दें इससे पहले जब टीम इंडिया एडिलेड टेस्ट में बुरी तरह हार गई थी, तब पॉन्टिंग ने कहा था कि ऑस्ट्रेलिया यहां भारत का 4-0 से क्लीन स्वीप करेगी. अगर कंगारू टीम मेलबर्न में जीत जाती है तो फिर भारत के पास वापसी का रास्ता नहीं होगा. बता दें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मैच एडिलेड में खेला गया था.

भारत ने यह टेस्ट अपनी पूरी क्षमता वाली टीम के साथ खेला था लेकिन इस टेस्ट की दूसरी पारी में टीम इंडिया मात्र 36 रन पर ऑलआउट होकर इस मैच में बुरी तरह हार गई थी. लेकिन इसके बाद उसने विराट कोहली के बिना और एक के बाद एक अपने स्टार खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की.