मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी का 33वां ओवर था वो. ओवर की दूसरी गेंद पर जसप्रीत बुमराह के सामने बल्लेबाज शॉन मार्श थे. जीत के लिए 399 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम के 114 रन पर 3 विकेट गिर चुके थे, लेकिन मैदान पर शॉन मार्श और ट्रेविस हेड जम चुके थे. कंगारू टीम के लिए अच्छी बात यह थी कि मार्श अच्छी फॉर्म में दिख रहे थे और स्पिनर रविंद्र जडेजा की गेंदों पर भी उन्होंने कुछ करारे शॉट लगाए थे. लेकिन बुमराह की वह गेंद जब तक उनके पास पहुंची, उससे काफी पहले वे अपना शॉट खेल चुके थे. बुमराह ने स्लोअर वन से उन्हें चकमा दिया, लेकिन इसकी पृष्ठभूमि उन्होंने इससे पहले की पांच गेंदों में तैयार कर ली थी. इस गेंद पर मार्श बुमराह की मूवमेंट से भी गच्चा खा गए थे.

मार्श ने बुमराह द्वारा फेंकी गई अंतिम छह गेंदें पारी के 31वें और 33वें ओवर में खेलीं. वे जिस गेंद पर आउट हुए, वह 111.9 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से फेकी गई थी, लेकिन इससे पहले की सभी पांच गेंदें 139 किमी प्रतिघंटे या उससे ज्यादा तेज थी. पहली गेंद 139, दूसरी 141, तीसरी 143 और चौथी 141 किमी प्रतिघंटे की तेजी से फेकी गई थी.

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रोचक यह है भी कि पांचवीं गेंद सबसे ज्यादा तेज 145.9 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार वाली थी. लगातार तेज गेंदां ने मार्श को क्रीज में अंदर और बैकफुट पर जाने को मजबूर किया. नतीजा यह हुआ कि जब अगली गेंद स्लोअर वन आई तो वे पहले ही शॉट खेल गए और एलबीडब्ल्यू करार दिए गए.

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हालांकि, बुमराह का कमाल केवल स्पीड का वैरिएशन नहीं था. उन्होंने गेंद की मूवमेंट से भी मार्श को गच्चा दिया. उन्होंने पहली पांच गेंद आउट स्विंगर डाली, लेकिन अंतिम गेंद टप्पा खाने के बाद अंदर की ओर आई. मार्श बुमराह के इस वैरिएशन को समझ नहीं पाए. यही कारण है कि अंपायर की अंगुली उठने के बाद कुछ पलों के लिए वे उसी पोजिशन में खड़े रहे. उन्हें पता ही नहीं चला कि क्या हो गया है और बूम-बूम बुमराह अपना काम कर चुके थे.