नागपुर टी20 में दीपक चाहर के शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने बांग्‍लादेश पर 30 रन से जीत दर्ज की. चाहर ने हैट्रिक लेने के साथ-साथ मैच में छह विकेट हॉल अपने नाम किया. चाहर ने 3.2 ओवर गेंदबाजी कर सात रन देकर छह विकेट निकाले. यह टी20 अंतरराष्‍ट्रीय में अबतक का सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन है. पिता लोकेंद्र सिंह चाहर ने कहा है कि नेट पर कम से कम एक लाख गेंद फेंकने के बाद बेटा इस तरह का प्रदर्शन कर पाया.

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पिता ने न्‍यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत के दौरान, ‘‘दीपक चाहर ने इस तरह के प्रदर्शन से पहले प्रैक्टिस सेशन के दौरान नेट पर कम से कम एक लाख गेंदें फेंकी होंगी. अब मुझे महसूस हो रहा है कि हम दोनों ने जिस सपने को संजोया थो वह धीरे धीरे साकार हो रहा है.’’

लोकेंद्र सिंह चाहर वायुसेना से सेवानिवृत हुए हैं. उन्‍होंने कहा, “मैं इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. बेटे दीपक ने अंतत: ‘जादुई प्रदर्शन’ किया जिसकी शुरुआत आगरा में एक टर्फ विकेट पर हुई थी.”

दीपक ने अपने रणजी ट्रॉफी में अपने डेब्‍यू मैच में ही18 साल की उम्र में सुर्खियां बटोरी थी. बेहतरीन स्विंग के दम पर उन्‍होंने हैदराबाद के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया था. मैच में उन्‍होंने 10 रन देकर आठ विकेट चटकाए थे जिससे हैदराबाद की टीम 21 रन पर ढेर हो गई.

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दीपक ने घरेलू क्रिकेट में शानदार शुरुआत करते हुए रणजी ट्राफी विजेता राजस्थान की ओर से 40 से अधिक विकेट चटकाए लेकिन अगले कुछ वर्षों में चोट के कारण उनकी प्रगति प्रभावित हुई.

पिता लोकेंद्र सिंह चाहर ने कहा, ‘‘अपने करियर के अहम चरणों में उसे चोटें लगी. चोट का समय भी बेहद महत्वपूर्ण होता है.’’

धोनी ने चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से पिछले दो सीजन में दीपक चाहर का बेहतरीन इस्तेमाल किया. जिसके कारण वो राष्ट्रीय टीम में जगह बना पाए. आईपीएल 2018 में 10 विकेट चटकाने के बाद चाहर ने इस साल 22 विकेट चटकाए और वह इंग्लैंड में भारत की विश्व कप टीम में स्टैंडबाई खिलाड़ियों में शामिल थे.