लंदन। टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच में इंग्लैंड के खिलाफ भारत पर हार का खतरा मंडरा रहा है. आखिरी मैच में इंग्लैंड की टीम आखिरी मैच खेल रहे एलिस्टर कुक को जीत से विदाई दे सकता है. एलिस्टेयर कुक और कप्तान जो रूट के शतकों की मदद से भारत के सामने 464 रन का विशाल लक्ष्य रखा है. इंग्लैंड ने दूसरी पारी के शुरू में ही भारत के तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल करके पांचवें और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में जीत की तरफ कदम बढ़ाये. टीम इंडिया के मिस्टर भरोसेमंद कप्तान विराट कोहली भी पवेलियन लौट चुके हैं जिससे भारत बेहद कमजोर पड़ा गया है.

इंग्लैंड ने 423 रन पर पारी घोषित की

इंग्लैंड ने चौथे दिन चाय के विश्राम के कुछ देर बाद अपनी दूसरी पारी आठ विकेट पर 423 रन बनाकर समाप्त घोषित की और भारत के सामने जीत के लिये 464 रन का लक्ष्य रखा. भारत ने इसके जवाब में चोटी के तीन विकेट दो रन पर गंवा दिये थे. उसने दिन का खेल समाप्त होने तक तीन विकेट पर 58 रन बनाये हैं और वह लक्ष्य से 406 रन पीछे है.कुक ने अपनी अंतिम टेस्ट पारी में 147 रन बनाये. इसके लिये उन्होंने 286 गेंदें खेली. बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने इस दौरान रूट (125) के साथ तीसरे विकेट के लिये 259 रन की साझेदारी निभाकर भारत की मुश्किलें बढ़ाईं. भारतीय टीम शुरू में ही लड़खड़ा गई और केवल 20 गेंद के खेल में उसने शिखर धवन (एक), चेतेश्वर पुजारा (शून्य) और कप्तान विराट कोहली (शून्य) के विकेट गंवा दिये.

एंडरसन के कुल 563 विकेट, मैकग्रा की बराबरी

जेम्स एंडरसन (23 रन देकर दो) ने धवन और पुजारा को तीसरे ओवर में पगबाधा आउट किया जबकि स्टुअर्ट ब्राड (17 रन देकर एक) ने अगले ओवर में विराट कोहली को विकेट के पीछे कैच कराया जो अपने करियर में तीसरी बार गोल्डन डक (पारी की पहली गेंद पर आउट) बने. एंडरसन ने इसके साथ ही ग्लेन मैकग्रा के 563 विकेटों की बराबरी भी कर ली है. इसके बाद केएल राहुल (नाबाद 46) और अंजिक्य रहाणे (नाबाद 10) ने आगे कोई झटका नहीं लगने दिया. इनमें से राहुल स्वच्छंद होकर खेले और उन्होंने कुछ करारे शॉट लगाये. भारत के लिये हालांकि टूटती पिच पर पांचवें दिन बल्लेबाजी करना आसान नहीं होगा.

केएल राहुल एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले भारतीय बने

इससे पहले कुक ने अपना आखिरी टेस्ट मैच यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. उन्होंने 161 टेस्ट मैचों में 12472 रन बनाकर अपने टेस्ट करियर का अंत किया जिसकी शुरुआत उन्होंने 2006 में नागपुर में भारत के खिलाफ की थी. उनकी पारी बेदाग रही लेकिन रूट को 46 अैर 94 रन के निजी योग पर क्रमश: रहाणे और पुजारा ने जीवनदान दिये.

हनुमा विहारी ने दिलाई सफलता

भारत को लंबे इंतजार के बाद हनुमा विहारी (37 रन देकर तीन विकेट) ने सफलता दिलायी जिन्हें कोहली ने काफी देर बाद आक्रमण पर लगाया. विहारी ने अपने आठवें ओवर की पहली दो गेंदों पर रूट और कुक को आउट किया. रूट ने तेजी से रन बनाने के प्रयास में स्लॉग स्वीप खेला लेकिन गेंद देर से बल्ले तक पहुंची और ऊपरी किनारा लेकर डीप मिडविकेट पर खड़े हार्दिक पंड्या के पास पहुंच गयी जो चोटिल इशांत शर्मा की जगह क्षेत्ररक्षण कर रहे थे. विहारी का यह पहला टेस्ट विकेट था.

विहारी ने अगली गेंद पर कुक को विकेटकीपर ऋषभ पंत के हाथों कैच कराया और इसके साथ ही विश्व क्रिकेट के बेजोड़ बल्लेबाजों में से एक के करियर का अंत हो गया. भारतीय खिलाड़ियों ने हाथ मिलाकर कुक को विदाई दी जबकि दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया. इनमें उनकी पत्नी और बेटियां भी शामिल थी. भारत ने इसके तुरंत बाद नयी गेंद ली. मोहम्मद शमी (110 रन देकर दो) ने जॉनी बेयरस्टॉ (18) को बोल्ड किया जबकि अगले ओवर में जोस बटलर (शून्य) ने रविंद्र जडेजा (179 रन देकर तीन) की गेंद पर हवा में लहराता कैच दिया.

चाय के विश्राम के बाद जडेजा ने बेन स्टोक्स (37) का भी विकेट लिया. केएल राहुल ने उनका कैच लेकर सीरीज में 14 कैच लेने का नया भारतीय रिकॉर्ड बनाया. सैम कुरेन (21) के विहारी की गेंद पर विकेट के पीछे कैच देने के बाद रूट ने पारी समाप्त घोषित की. आदिल राशिद 20 रन बनाकर नाबाद रहे. कुक अपने पदार्पण और अंतिम टेस्ट मैच में शतक जड़ने वाले पांचवें बल्लेबाज हैं. उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के रेगी डफ, बिल पोन्सफोर्ड और ग्रेग चैपल और भारत के मोहम्मद अजहरूद्दीन ही यह विशिष्ट उपलब्धि हासिल कर पाये थे.